राजस्थान की राजनीति में आज फिर से सियासी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में आज फिर से सियासी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। सवेरे पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सीएम अशोक गहलोत और उनके समर्थक नेताओं पर निशाना साधा था। शाम होते होते गहलोत समर्थक नेताओं ने पलटवार करने शुरु कर दिए। सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने बुधवार को मीडिया के सामने सचिन पायलट का नाम लिए बगैर कई बातें कही। जोशी ने मानगढ़ धाम में पीएम नरेन्द्र मोदी के सामने गहलोत के बयान और अन्य मसलों पर भी अपनी बात रखी। जोशी ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक नहीं होने पर सीएम गहलोत की हाईकमान से माफी केे बारे में कहा कि सीएम ने विनम्रता से माफी मांगी हैं। सीएम को किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। हम अपनी पार्टी का अहित नहीं होने देंगे।
जोशी ने कहा कि हमें नोटिस मिला हैं,जवाब दिया हैं। आगे भी हाईकमान को कुछ पूछेगा तो उसका जवाब देंगे। सिर्फ नोटिस मिलने से ही कोई दोषी नहीं होता है। पार्टी जो करेगी हमें स्वीकार हैं।जोशी ने कहा कि हाईकमान के आदेश को सभी को मानना चाहिए।जो एडवाइजरी जारी हुई थी, हम उसकी पालना कर रहे हैं और मैं उसकी सीमा नहीं लांघना चाहता हूं। जोशी ने कहा कि व्यक्ति को खुद देखना चाहिए कि उनका इतिहास क्या रहा हैं, इसके बाद ही दूसरोें पर सवाल उठाने चाहिए। मानगढ में पीएम के सामने गहलोत के बयान पर जोशी ने कहा कि पीएम के सामने गहलोत ने गांधी की बात कही थी। सीएम ने मोदी के सामने अपनी जिम्मेदारी निभाई हैं। गहलोत ने कहा कि भारत में लोकतंत्र हैं। ये गांधी का देश हैं, इसलिए आज दुनिया में मोदी का सम्मान होता हैं।जोशी ने प्रताप सिंह खाचरियावास के ब्यूरोक्रेसी को लेकर दिए बयान पर कहा कि मुझे कोई दिक्कत नहीं है। फिर भी कोई बेलगाम हो रहा होगा तो सीएम उस पर लगाम कसेंगे।