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Rajasthan Politics : ‘माफी मांगें BJP प्रभारी राधा मोहन..’, सचिन पायलट के सपोर्ट में कांग्रेस एकजुट, अब डोटासरा-खाचरियावास-दिव्या का ‘आक्रमण’? 

भाजपा प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा सचिन पायलट को 'बहरूपिया' कहे जाने पर राजस्थान कांग्रेस में जबरदस्त उबाल है। अशोक गहलोत के बाद अब पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, प्रताप सिंह खाचरियावास और दिव्या मदेरणा ने मोर्चा संभालते हुए भाजपा प्रभारी से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 28 Apr 2026, 2:29 PM IST

Rajasthan Politics - File PIC

Rajasthan Politics - File PIC

राजस्थान की राजनीति में 'अपनों' से जूझने वाली कांग्रेस अब 'बाहरी' हमले के खिलाफ चट्टान की तरह खड़ी नजर आ रही है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा सचिन पायलट को 'बहरूपिया' और उनकी निष्ठा पर सवाल उठाने वाले बयान ने मरुधरा के सियासी गलियारों में आग लगा दी है। दिलचस्प बात यह है कि जो नेता कल तक अलग-अलग गुटों में बंटे नजर आते थे, आज वे सभी सचिन पायलट के सम्मान में एक सुर में सुर मिला रहे हैं।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से लेकर पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और पूर्व एमएलए दिव्या मदेरणा तक, सभी ने भाजपा प्रभारी के बयान को 'अशोभनीय' बताते हुए उनसे बिना शर्त माफी की मांग की है।

भाजपा में शिष्टाचार खत्म हो चुका है : डोटासरा

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने इस टिप्पणी को भाजपा की गिरती सियासी संस्कृति का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा:

  • वैमनस्य की राजनीति: राजनीति में वैचारिक विरोध तो हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत अपमान करना भाजपा की आदत बन गई है।
  • लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन: डोटासरा ने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा नेतृत्व को अपने पदाधिकारियों के आचरण पर ध्यान देना चाहिए, वरना जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

अग्रवाल जी को तो BJP के लोग भी नहीं जानते : खाचरियावास

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में हमला बोलते हुए कहा कि राधा मोहन दास अग्रवाल को राजस्थान में कोई नहीं जानता, यहाँ तक कि उनकी खुद की पार्टी के लोग भी उनसे अपरिचित हैं।

खाचरियावास ने कहा कि राजनीति में विचारों की लड़ाई होनी चाहिए, न कि किसी के व्यक्तित्व पर कीचड़ उछालना चाहिए। भाजपा लगातार स्वस्थ संवाद की परंपरा को कमजोर कर रही है।

यह राजस्थान का अपमान है : दिव्या मदेरणा

कांग्रेस की तेजतर्रार नेता दिव्या मदेरणा ने इस बयान को संकीर्ण सोच का परिचायक बताया। उन्होंने कहा:

मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश: भाजपा जनहित के सवालों का जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत हमलों को प्राथमिकता दे रही है।

मौन समर्थन: दिव्या ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह मौन समर्थन देने जैसा है।

सस्पेंस: क्या 'बहरूपिया' कार्ड भाजपा पर भारी पड़ेगा?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा प्रभारी ने पायलट को 'यूपी का निवासी' और 'बाहरी' बताकर राजस्थान के क्षेत्रीय स्वाभिमान को अनजाने में छेड़ दिया है।

  • कांग्रेस की नई रणनीति: कांग्रेस अब इस मुद्दे को 'राजस्थानी बनाम बाहरी' की लड़ाई बनाने की कोशिश कर रही है।
  • एकजुटता का संदेश: गहलोत, डोटासरा और पायलट का एक साथ आना यह संकेत देता है कि उपचुनावों से पहले कांग्रेस अपनी आंतरिक गुटबाजी को किनारे रखकर भाजपा के 'निजी हमलों' को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएगी।