
Rajasthan Politics - File PIC
राजस्थान की राजनीति में 'अपनों' से जूझने वाली कांग्रेस अब 'बाहरी' हमले के खिलाफ चट्टान की तरह खड़ी नजर आ रही है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा सचिन पायलट को 'बहरूपिया' और उनकी निष्ठा पर सवाल उठाने वाले बयान ने मरुधरा के सियासी गलियारों में आग लगा दी है। दिलचस्प बात यह है कि जो नेता कल तक अलग-अलग गुटों में बंटे नजर आते थे, आज वे सभी सचिन पायलट के सम्मान में एक सुर में सुर मिला रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से लेकर पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और पूर्व एमएलए दिव्या मदेरणा तक, सभी ने भाजपा प्रभारी के बयान को 'अशोभनीय' बताते हुए उनसे बिना शर्त माफी की मांग की है।
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने इस टिप्पणी को भाजपा की गिरती सियासी संस्कृति का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा:
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में हमला बोलते हुए कहा कि राधा मोहन दास अग्रवाल को राजस्थान में कोई नहीं जानता, यहाँ तक कि उनकी खुद की पार्टी के लोग भी उनसे अपरिचित हैं।
खाचरियावास ने कहा कि राजनीति में विचारों की लड़ाई होनी चाहिए, न कि किसी के व्यक्तित्व पर कीचड़ उछालना चाहिए। भाजपा लगातार स्वस्थ संवाद की परंपरा को कमजोर कर रही है।
कांग्रेस की तेजतर्रार नेता दिव्या मदेरणा ने इस बयान को संकीर्ण सोच का परिचायक बताया। उन्होंने कहा:
मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश: भाजपा जनहित के सवालों का जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत हमलों को प्राथमिकता दे रही है।
मौन समर्थन: दिव्या ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह मौन समर्थन देने जैसा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा प्रभारी ने पायलट को 'यूपी का निवासी' और 'बाहरी' बताकर राजस्थान के क्षेत्रीय स्वाभिमान को अनजाने में छेड़ दिया है।
Updated on:
28 Apr 2026, 2:29 PM IST
Published on:
28 Apr 2026, 1:40 PM IST
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