
Rajasthan News : राजस्थान पुलिस के मुखिया यूआर साहू ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) में अपराध के बाद जांच कैसे होनी चाहिए, इस संबंध में स्पष्ट किया गया है। गिरफ्तारी से लेकर अनुसंधान के दौरान कोई भी कानून से बाहर जाकर काम करता है तो इसका सीधा लाभ मुल्जिम पक्ष को मिलता है। किसी की गलती पकड़ी जाती है या फिर अदालत किसी अनुसंधान पर टिप्पणी करती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिसकर्मियों को बीएनएसएस कानून के बाहर जाकर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।
वहीं कुछ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के समय पुलिस टीम में रील बनाने का प्रचलन बढ़ा है, इस पर सख्ती से पाबंदी लगनी चाहिए। भविष्य में कोई भी टीम फिल्मी स्टाइल में गलत तथ्यों के साथ रील बनाती है, तो उस टीम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने पुलिस के गिरफ्तारी के समय रील बनाने के लिए गलत तथ्यों को पेश किए जाने का पर्दाफाश किया। पुलिस ने गिरफ्तारी के समय जो दावे किए, बाद में जांच के दौरान उनकी पुष्टि नहीं हुई।
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