झुंझुनूं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र राजस्थान विधान सभा के झुंझुनूं (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) में से एक है। यह जिला प्रदेश की राजनीति में अहम स्थान रखता है। 1951 से लेकर अब तक हुए विधानसभा चुनावोंं में अधिकतर बार कांग्रेस यहां से जीतती आई है। वर्तमान में बृजेंद्र सिंह ओला यहां से विधायक हैं और अशोक गहलोत मंत्रिमंडल में परिवहन (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री हैं।
झुंझुनूं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र राजस्थान विधान सभा के झुंझुनूं (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) में से एक है। यह जिला प्रदेश की राजनीति में अहम स्थान रखता है। 1951 से लेकर अब तक हुए विधानसभा चुनावोंं में अधिकतर बार कांग्रेस यहां से जीतती आई है। वर्तमान में बृजेंद्र सिंह ओला (Brijendra Singh Ola) यहां से विधायक हैं और अशोक गहलोत मंत्रिमंडल में परिवहन (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री हैं।
इस सीट पर सबसे पहले चुनाव वर्ष 1951 में हुआ था। तब कांग्रेस की टिकट पर मैदान में उतरे नरोत्तम लाल ने जीत दर्ज की थी। उसके बाद 1957 के चुनाव में कांग्रेस ने उन्हीं पर भरोसा जताया और वह लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने में सफल रहे। 1962 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सुमित्रा सिंह को टिकट दिया और वह जीतने में सफल रहीं।
जीत की हैट्रिक बनाई
इसके बाद सुमित्रा सिंह ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 1967, 1972 और 1977 के चुनावों में जीत दर्ज कर हैट्रिक बनाई। हालांकि, तीन साल बाद 1980 में हुए चुनाव में कांग्रेस ने सुमित्रा की जगह सीस राम ओला को मैदान में उतारा और पार्टी का यह निर्णय सही साबित हुआ। 1985 के चुनाव में कांग्रेस ने फिर से ओला को मैदान में उतारा और वह फिर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे।
जनता दल ने रोका कांग्रेस का विजयी रथ
हालांकि, 1990 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा। इस वर्ष हुए चुनाव में जनता दल की टिकट पर मैदान में उतरे मोहम्मद माहिर आजाद ने जीत दर्ज कर कांग्रेस का विजयी रथ को रोक दिया। 3 साल बाद सीट फिर से कांग्रेस की झोली में आई सीट जनता दल के पास यह सीट केवल 3 साल तक ही रह पाई। 1993 में हुए चुनाव में सीस राम ओला तीसरी बार यहां से जीतने में सफल रहे। हालांकि, 1998 के चुनाव में निर्दलीय मैदान में उतरी कांग्रेस की पूर्व नेता सुमित्रा सिंह यहां से जीत दर्ज करने में सफल रही।
2003 में फिर जीतीं सुमित्रा
2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्त्ता से बेदखल कर वसुंधरा राजे के नेतृत्व में सरकार बनाने में सफल हुई भारतीय जनता पार्टी ने सुमित्रा सिंह को मैदान में उतारा और वह फिर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची। फिर से कांग्रेस की झोली में आई सीट हालांकि, 2003 के बाद 2008, 2013 और 2018 के चुनावों में कांग्रेस ने फिर से शानदार वापसी करते हुए सीट को अपने पास बरकार रखा। इन तीनों चुनाव में बृजेंद्र ओला ने जीत दर्ज की और वर्तमान सरकार में परिवहन मंत्री हैं।