
जयपुर। मुझे टिकट नहीं मिला कोई बात नहीं, पर भाजपा के झुंझुनूं के किसी कार्यकर्ता को तो टिकट देते। जिसे टिकट दिया है, उसे टिकट देने के बाद पार्टी में लिया है। मैं झुंझुनूं में ऐसे प्रत्याशी का साथ दूंगी, जो भाजपा प्रत्याशी को हराने की क्षमता रखता हो। भाजपा प्रत्याशी को हराने के लिए काम करूंगी। नौ बार विधायक रह चुकीं व विधानसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा सिंह से बातचीत।
आपकी भाजपा के प्रति नाराजगी क्या है?
निर्दलीय चुनाव लडऩे के कारण पिछले चुनाव के बाद भाजपा ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था। मुख्यमंत्री के सहयोग मांगने पर लोकसभा चुनाव के समय भाजपा का साथ दिया। भाजपा ने अब सर्वे का नाटक किया है।
आपका टिकट किसने कटवाया?
पता नहीं किसने कटवाया? पता नहीं, टिकट कटने के लिए कौन जिम्मेदार है? लेकिन सवाल यह नहीं है कि मुझे टिकट नहीं मिला। मुझे झुंझुनूं की जनता का जितना समर्थन मिला, उतना बिरले ही व्यक्ति को मिलता है।
अब क्या भाजपा से इस्तीफा देंगी?
पार्टी ने निष्कासन किया और उसी समय मौखिक रूप से कहकर पार्टी छोड़ दी। उसके बाद सदस्यता को रिव्यू ही नहीं कराया।
क्या फिर से कांग्रेस का साथ देंगी?
झुंझुनूं में तो कांग्रेस का साथ नहीं दूंगी, लेकिन बाहर के लिए सहयोग मांगा तो दे सकती हूं। अभी मैं देखूंगी कि आगे क्या करना है, इसके लिए साथियों से बात कर रही हूं। उनसे विचार करने के बाद ही कोई निर्णय करूंगी।