जयपुर

Rajasthan Election 2018- चुनावी चक्रव्यूह में ‘अन्य’ तीरंदाज भी

www.patrika.com/rajasthan-news/
less than 1 minute read
Oct 07, 2018
rajasthan election
Young voters will be deciding role in Rajasthan elections

जयपुर। राजस्थान में सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले पर तीसरा मोर्चा बनाने के प्रयास भी चरम पर हैं। इसमें 3.37 प्रतिशत वोट शेयर वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख घटक की भूमिका निभा सकती है।

सात दलों को मिलकर बना लोकतांत्रिक मोर्चा इसकी जुगत में सक्रिय है। आम आदमी पार्टी (आप) चुनावी मैदान के लिए पहले ही कमर कस चुकी है। अकेले आप ऐसी है जो राज्य में अब तक अपने 59 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।

वाम मोर्चा भी अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लडऩे की कोशिश में है। घनश्याम तिवाड़ी की भारत वाहिनी पार्टी भी तैयार है। हनुमान बेनीवाल पश्चिमी राजस्थान में सक्रिय तो हैं लेकिन पार्टी की घोषणा अब तक नहीं कर सके हैं।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार फिलहाल कोई भी दल अकेले दम सभी 200 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की स्थिति में नजर नहीं आता। ऐसे में तीसरा मोर्चा बनने की स्थिति में ही कांग्रेस-भाजपा को चुनौती संभव है। ऐसी स्थिति में छोटे दलों को टिकट वितरण के बाद भाजपा-कांग्रेस से रूठे कार्यकर्ताओं का सहारा भी मिल सकता है।

पिछले चुनाव में आधार
पार्टियां------वोट शेयर
बसपा-------3.37
सपा--------0.39
सीपीएम------0.87
सीपीआइ-----0.18
आरएलडी----0.01
आप-------0.03
एनसीपी-----0.23
जेडीएस-----0.01
जेडीयू------0.19
राजपा------4.25
जमींदारा पार्टी--1.01
निर्दलीय------8.21

Updated on:
07 Oct 2018 10:09 am
Published on:
07 Oct 2018 08:39 am