राजस्थान में अवैध शराब माफिया पर आबकारी विभाग का कहर। 2.80 लाख लीटर वाॅश नष्ट, 1044 मुकदमे दर्ज और 380 गिरफ्तार। जानें आपके जिले में क्या हुई कार्रवाई।
राजस्थान में अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण और तस्करी के खिलाफ आबकारी विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। पूरे प्रदेश में विशेष निरोधात्मक अभियान चलाकर विभाग ने माफियाओं की नींद उड़ा दी है। 1 मई से 11 मई 2026 के बीच चली इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश की सीमाओं के भीतर अवैध शराब का 'काला कारोबार' पर अब नकेल कसने लगी है।
आबकारी विभाग की टीमों ने प्रदेश के कोने-कोने में दबिश दी है। इस अभियान के तहत अब तक की उपलब्धियां चौंकाने वाली हैं।
उत्तर राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में नोहर, संगरिया और मुख्य मुख्यालय पर आबकारी निरोधक दल ने बड़ी कार्रवाई की। यहाँ 5100 लीटर वाॅश और 7 कच्ची भट्टियां नष्ट की गईं। वहीं, श्रीकरणपुर के साबू की मोर गांव में दबिश देकर 150 लीटर वाॅश नष्ट किया गया और एक तस्कर को रंगे हाथों दबोचा गया।
सबसे हैरान करने वाली कार्रवाई बारां और सिरोही जिलों में हुई।
बारां (छबड़ा): लक्ष्मीपुरा गांव में दबिश के दौरान ड्रमों में भरा 11,000 लीटर वाॅश मिला। यहाँ टीम ने 23 भट्टियां नष्ट कीं और 80 लीटर हथकड़ शराब जब्त की।
सिरोही (आबूरोड): वासडा गांव में नदी किनारे तस्करों ने सिंटेक्स की 12 टंकियों में 6000 लीटर उत्तेजित वाॅश छिपा रखा था। आबकारी विभाग की पैनी नजर से ये टंकियां भी नहीं बच सकीं और उन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
हाईवे तस्करी को रोकने के लिए चित्तौड़गढ़-नीमच और चित्तौड़गढ़-कोटा हाईवे पर ईपीएफ (EPF) टीमों ने सघन जांच अभियान चलाया। उधर, जोधपुर में फलौदी, लूनी और शहर के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई करते हुए 9 फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।
पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले के आदर्श नगर और पचगांव जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में 5000 लीटर वाॅश नष्ट किया गया। वहीं दौसा के महुआ और लालसोट में 6300 लीटर वाॅश सहित 9 भट्टियां तोड़ी गईं। विभाग का यह एक्शन मोड बताता है कि अब कोई भी इलाका 'सेफ जोन' नहीं रहा है।
इस 11 दिवसीय अभियान के दौरान करोड़ों की शराब जब्त की गई है:
आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अन्य राज्यों से होने वाली शराब तस्करी और स्थानीय स्तर पर हथकड़ शराब बनाने वालों के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति जारी रहेगी। सभी अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी और निरीक्षकों को चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहने और सघन गश्त करने के आदेश दिए गए हैं।