Hiranoda Dry Port Jaipur: राजस्थान की आर्थिक तस्वीर बदलने की बड़ी उम्मीदों के साथ जयपुर के हिरनोदा में द थार ड्राई पोर्ट का शुभारम्भ हुआ। राइजिंग राजस्थान और केंद्र सरकार के 'पीएम गति शक्ति मिशन' के तहत विकसित यह इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क मरुधरा के व्यापार को सीधे समुद्र से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
Hiranoda Dry Port Jaipur: राजस्थान की आर्थिक तस्वीर बदलने की बड़ी उम्मीदों के साथ जयपुर के हिरनोदा में द थार ड्राई पोर्ट का शुभारम्भ हुआ। राइजिंग राजस्थान और केंद्र सरकार के 'पीएम गति शक्ति मिशन' के तहत विकसित यह इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क मरुधरा के व्यापार को सीधे समुद्र से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को शिरकत करनी थी। लेकिन वे तेज बारिश के कारण नहीं पहुंच सके।
समारोह में उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रोजेक्ट को विकसित भारत की नींव बताते हुए कहा कि राजस्थान आज बिजनेस और लॉजिस्टिक्स के लिए देश का सबसे बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। हमारी भौगोलिक स्थिति सबसे अच्छी है। दिल्ली से हर तरह की कनेक्टिविटी है। यही वजह है कि आज पूरी दुनिया की नजरें राजस्थान पर टिकी हैं।
जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज प्रकृति ने भी तेज बारिश के जरिए इस ऐतिहासिक शुरूआत का स्वागत किया है। राजस्थान में भले ही कोई समुद्री बंदरगाह नहीं है और यहां की जमीन भी उपजाऊ नहीं है, लेकिन गैर-उपजाऊ जमीन पर किया गया यह नवाचार प्रदेश में औद्योगिक क्रांति लेकर आएगा। राज्य मंत्री के.के. विश्नोई ने कहा कि आने वाले समय में देश-दुनिया राजस्थान को तेजी से बढ़ते और चमकते हुए देखेगी।
प्रदेश के छोटे और बड़े निर्यातकों की ट्रांसपोर्टेशन लागत और समय में भारी कमी आएगी। इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से देश-विदेश की बड़ी कंपनियां राजस्थान में मैनुफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने के लिए आकर्षित होंगी। इस अकेले प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5,000 से अधिक रोजगार सृजन का दावा है।
समारोह के दौरान हस्ती पेट्रो केमिकल एंड शिपिंग लिमिटेड के एमडी रुचिर पारेख ने कहा कि इस थार ड्राई पोर्ट के शुरू होने से अब जयपुर और आस-पास के क्षेत्रों का विश्वप्रसिद्ध हैंडीक्राफ्ट, गारमेंट और मार्बल सीधे हिरनोदा से ही ट्रेनों के जरिए कांडला और मुंद्रा पोर्ट तक पहुंच सकेगा। इससे निर्यातकों का न केवल 700 किलोमीटर का सड़क मार्ग का लंबा सफर बचेगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी।