जयपुर

Skill India: अब अंग्रेजी ही नहीं, फ्रेंच-जर्मन भी सीखेंगे राजस्थान के युवा… नौकरी के मौके बढ़ेंगे

राजस्थान में युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए विदेशी भाषा संचार कौशल कार्यक्रम के तहत महत्वपूर्ण समझौते (एमओयू) किए हैं। जिसके बाद युवाओं को विदेशी भाषाएं सीखने का मौका मिलेगा।

2 min read
May 01, 2026
CM Bhajanlal MOU Sign
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

जयपुर। राजस्थान में युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए विदेशी भाषा संचार कौशल कार्यक्रम के तहत महत्वपूर्ण समझौते (एमओयू) किए हैं। बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान पेपर लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं के साथ अन्याय किया, लेकिन वर्तमान सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए अब तक 351 परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित करवाई हैं और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को केवल रोजगार तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें कौशल से जोड़कर आत्मनिर्भर बना रही है, ताकि वे नौकरी पाने के बजाय नौकरी देने वाले बन सकें। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कौशल विकास विजन को आगे बढ़ाते हुए राज्य ने इंग्लिश एवं फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरशन के साथ समझौते किए हैं। इसके जरिए युवाओं को फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, जापानी और कोरियन जैसी विदेशी भाषाएं सीखने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान की तस्वीर (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते

उन्होंने कहा कि आज के वैश्विक दौर में विदेशी भाषा का ज्ञान रोजगार के नए रास्ते खोलता है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और पर्यटन उद्योग में इसके व्यापक अवसर हैं। राजस्थान जैसे पर्यटन प्रधान राज्य में विदेशी भाषा जानने वाले गाइड, होटल मैनेजर और ट्रैवल एजेंट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।

नई शिक्षा नीति में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा पर जोर

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि देश का युवा अब केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें बहुभाषी और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा पर जोर दिया गया है। विदेशी भाषाएं सीखने से युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारतीय संस्कृति भी दुनिया तक पहुंचेगी।

विदेशी भाषओं से नए अवसर

वहीं, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री जयन्त चौधरी ने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक मंच से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने मातृभाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि स्थानीय भाषाएं हमारी पहचान को मजबूत करती हैं, जबकि विदेशी भाषाएं नए अवसरों के द्वार खोलती हैं।

कार्यक्रम में ये लोग रहे शामिल

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा और राज्यमंत्री के.के. विश्नोई ने भी इस पहल को युवाओं के लिए उपयोगी बताया। इस दौरान विभिन्न एमओयू का आदान-प्रदान हुआ और स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर की स्थापना की घोषणा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा और शिक्षाविद शामिल हुए, जबकि प्रदेशभर के युवाओं ने वर्चुअल माध्यम से भी सहभागिता की।

Updated on:
01 May 2026 07:12 pm
Published on:
01 May 2026 06:19 pm