
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास। फोटो- पत्रिका
जयपुर। प्रदेश के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में डिजिटल जनगणना-2027 (डिजिटल जनगणना) की प्रक्रिया के तहत 'सेल्फ एन्यूमरेशन' (स्व-गणना) की। उन्होंने आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना विवरण दर्ज कर सफलतापूर्वक फॉर्म को सबमिट किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से इस महाअभियान से जुड़ने का आह्वान भी किया उन्होंने कहा कि डिजिटल जन गणना की आधुनिक और सुगम प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लेकर 'विकसित भारत 2027' के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें।
मुख्य सचिव ने डिजिटल प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि यह बेहद सरल और समय बचाने वाली प्रणाली है। पोर्टल के माध्यम से मात्र दो मिनट के भीतर 32 प्रश्नों के उत्तर देकर जनगणना की औपचारिकताएं पूरी की जा सकती हैं। 1 मई से 15 मई तक चलने वाले इस विशेष अभियान में नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं।
वी. श्रीनिवास ने कहा कि डिजिटल सेंसस केवल डेटा का संकलन नहीं, बल्कि नागरिकों के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार' (Maximum Governance, Minimum Government) के विजन के अनुरूप, यह तकनीक नागरिकों और सरकार के बीच की दूरी को कम करेगी।
मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र से लेकर पंचायत स्तर तक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। मास्टर एवं फील्ड ट्रेनर्स की ओर से जिला और तहसील स्तर पर अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। डिजिटल माध्यम से डेटा प्राप्त होने पर भविष्य में फील्ड एन्यूमरेशन (क्षेत्रीय गणना) की निर्भरता कम होगी और प्राप्त आंकड़े अधिक सटीक व पारदर्शी होंगे।
वी. श्रीनिवास ने अभियान के प्रथम चरण में राज्य तथा जिला स्तर पर 'स्व-गणना' का लक्ष्य निर्धारित करने के लिए निर्देशित किया। मुख्य सचिव ने विश्वास जताया कि तकनीक के बढ़ते उपयोग और जन-भागीदारी से यह डिजिटल जनगणना एक ऐतिहासिक उपलब्धि बनेगी। गौरतलब है कि राजस्थान में आगामी 'जनगणना 2027' की औपचारिक शुरुआत शुक्रवार को लोक भवन में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे द्वारा स्व-गणना प्रक्रिया के साथ की गई।
Updated on:
01 May 2026 05:46 pm
Published on:
01 May 2026 05:46 pm
