
मुख्यमंत्री भजनलाल ने मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा कर दिया है। इस बार विभागों का बंटवारा कई मायनों में अहम है। पिछले कार्यकालों को देखें तो लंबे समय से मंत्रिमंडल में कुछ चेहरों को ही पावरफुल विभाग दिए जाते रहे हैं। लेकिन, इस बार 25 सदस्यीय मंत्रिमंडल में 18 मंत्रियों को अच्छे महकमों की जिम्मेदारी सौंपकर पावरफुल बनाया गया है। मंत्रिमंडल में शामिल 5 मंत्री पहले भी मंत्री रह चुके हैं। 20 पहली बार मंत्री बने हैं। नए बने मंत्रियों को भी अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपकर काम करने का बड़ा अवसर दिया गया है। प्रदेश में 20 साल बाद वित्त विभाग मुख्यमंत्री के अलावा अन्य के पास रहेगा।
नई मंत्रिपरिषद का मंत्रालय संभालने का औसत अनुभव 18 माह और 72 दिन का है। मुख्यमंत्री सहित कुल 25 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में सिर्फ 5 विधायकों को मंत्री पद संभालने का अनुभव है। इनमें सर्वाधिक 120 माह का अनुभव गजेन्द्र सिंह, सुरेन्द्रपाल टीटी और मदन दिलावर को है। इनके अलावा ओटाराम देवासी 60 माह और किरोड़ीलाल मीना 48 माह तक मंत्री पद संभाल चुके हैं। प्रदेश की सत्ता की चाबी 25 साल तक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे के पास रही। गहलोत ने 15 साल और राजे ने 10 साल सत्ता संभाली। गहलोत ने पहले कार्यकाल में अपने पास कोई विभाग नहीं रखा और वित्त मंत्री चंदनमल बैद और प्रद्युम्न सिंह को बनाया, लेकिन इसके बाद गहलोत ने किसी को वित्त विभाग नहीं सौंपा। यही रिवाज तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कायम रखा। वे दो बार मुख्यमंत्री रहीं, लेकिन वित्त मंत्री किसी को नहीं बनाया। 1998 के बाद मुख्यमंत्री का चेहरा बदला और भजनलाल को सत्ता की चाबी मिली तो उन्होंने वित्त विभाग की जिम्मेदारी उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी को सौंप दी। दिया कुमारी ही अब राज्य का बजट विधानसभा में पेश करेंगी।
गहलोत की तर्ज पर भजनलाल
प्रदेश में अमूमन गृह विभाग मुख्यमंत्री अपने पास नहीं रखते। लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गृह विभाग और एसीबी अपने पास रखी। यह रिवाज मुख्यमंत्री भजनलाल अब आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने गृह विभाग के साथ एसीबी भी अपने पास रखी है।
नए चेहरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
राजस्थान में पेयजल बड़ा मुद्दा है। इनमें ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) और जलजीवन मिशन बड़े प्रोजेक्ट हैं। इनकी जिम्मेदारी नए चेहरे कन्हैयालाल और सुरेश सिंह रावत को दी गई है। रावत ईआरसीपी और कन्हैयालाल जलजीवन मिशन को पूरा करेंगे।
दिया के विभाग में राज्य मंत्री भी महिला
डिप्टी सीएम दिया कुमारी को दिए विभागों का राज्य मंत्री भी महिला को ही बनाया गया है। राज्यमंत्री के रूप में मंजू बाघमार दिया के साथ रहेंगी।