
Jaipur : आरोपी आयुषी और उसके मृतक मां-पिता (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)
जयपुर। शहर के चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब मृतका के परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि नीरज शर्मा ने हत्या से करीब चार महीने पहले ही अपनी सुरक्षा और घर में हुई कथित वारदात को लेकर पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उस शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि अगर उस समय कानूनी कार्रवाई होती तो शायद आज नीरज शर्मा जिंदा होतीं।
परिजनों के मुताबिक, 1 मार्च 2026 को नीरज शर्मा ने सांगानेर थाने में एक लिखित शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ लोग घर में घुस आए, मारपीट की, कपड़े फाड़ दिए और सोने-चांदी के गहने, नकदी सहित करीब 15 लाख रुपये का सामान लेकर चले गए। शिकायत में घर पर कब्जा करने की कोशिश का भी जिक्र किया गया था। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की और न ही आरोपों की गंभीरता से जांच की।
आयुषी के मामा राकेश शर्मा और रिश्तेदार चंद्र प्रकाश शर्मा का कहना है कि पुलिस की कथित निष्क्रियता ने आरोपियों के हौसले बढ़ा दिए। उनका आरोप है कि पहली शिकायत पर सख्त कार्रवाई होती तो आरोपी हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने की स्थिति में नहीं पहुंचते। परिवार का यह भी दावा है कि चोरी की घटना और बाद में हुई हत्या के बीच संभावित संबंधों की भी गहराई से जांच की जानी चाहिए।
परिजनों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि शुरुआती शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने वाले पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। परिवार चाहता है कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए, ताकि हत्या के साथ-साथ पुलिस की कथित लापरवाही की भी निष्पक्ष पड़ताल हो सके।
इस बीच, परिवार ने नीरज शर्मा के पति विजय शर्मा की वर्ष 2025 में हुई मौत पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अब उस घटना को भी संदिग्ध नजरिए से देखा जाना चाहिए और दोनों मामलों की एक साथ स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
गौरतलब है कि 4 जुलाई 2026 को प्रतापनगर इलाके में 45 वर्षीय नीरज शर्मा की स्कॉर्पियो की टक्कर से मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में इसे सड़क हादसा माना गया था, लेकिन बाद में पुलिस जांच में इसे सुनियोजित हत्या बताया गया। पुलिस ने इस मामले में नीरज शर्मा की बेटी आयुषी शर्मा सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी आयुषी का चचेरा भाई बलराम अभी भी फरार है।
पुलिस का दावा है कि आयुषी शर्मा अपनी मां की सरकारी नौकरी हासिल करने की मंशा से कथित साजिश में शामिल थी और हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। हालांकि, परिजनों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के बिना किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उनका आरोप है कि जांच को एक ही दिशा में सीमित किया जा रहा है, जबकि कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अभी भी निष्पक्ष जांच होना बाकी है।
Updated on:
14 Jul 2026, 4:21 PM IST
Published on:
14 Jul 2026, 4:11 PM IST
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