जयपुर

Rajasthan HighCourt: बच्चों की सुरक्षा पर हाईकोर्ट सख्त; सुरक्षित नहीं स्कूल भवन तो 1 जुलाई से कर दें बंद, क्यों न चार्टेड इंजीनियर कर दें नियुक्त

Rajasthan School Safety: जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों और कक्षाओं की मरम्मत में धीमी गति पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पैसे की कमी की बहानेबाजी नहीं चलेगी।
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Updated: 6 Mar 2026, 8:18 AM IST
बूंदी जिले के डपटा गांव में पेड़ के नीचे चल रही पढ़ाई, पत्रिका फोटो
बूंदी जिले के डपटा गांव में पेड़ के नीचे चल रही पढ़ाई, पत्रिका फोटो

Rajasthan School Safety: जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों और कक्षाओं की मरम्मत में धीमी गति पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पैसे की कमी की बहानेबाजी नहीं चलेगी। साथ ही मुख्य सचिव से स्कूल भवनों की मरम्मत और निर्माण को लेकर तैयार कार्ययोजना पर शपथ पत्र पेश करने को कहा है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बच्चों की सुरक्षा को गंभीर विषय बताते हुए मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि, क्यों न जिन सरकारी और निजी स्कूलों के भवन सुरक्षित नहीं हैं, उन्हें 1 जुलाई से नहीं चलने दिया जाए। इसके अलावा प्री-प्राइमरी के बच्चों की कक्षाएं केवल भूतल पर ही चलनी चाहिए। उन्हें न बेसमेंट में बैठाया जाए और न ही ऊपरी मंजिलों पर।

याचिकाओं पर सुनवाई, कोर्ट ने की टिप्पणी

न्यायाधीश महेन्द्र कुमार गोयल और न्यायाधीश अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने झालावाड़ स्कूल हादसे पर स्वप्रेरणा से दर्ज याचिका सहित अन्य याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई की। सुनवाई में सामने आया कि 3700 स्कूलों के लिए नए भवन बनने थे, इनमें से 114 को स्वीकृति मिली, लेकिन अब तक केवल पांच भवनों का काम ही प्लिन्थ लेवल तक हुआ है, शेष भवनों का काम कागजों में ही चल रहा है। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि मार्च में बजट लैप्स होने की स्थिति है और अब तक टेंडर ही हो रहे हैं।

क्यों न चार्टेड इंजीनियर कर दें नियुक्त

कोर्ट ने यह भी कहा कि जुलाई से लगातार स्कूल भवनों के गिरने के हादसे सामने आ रहे हैं, जिनमें सरकारी और निजी दोनों स्कूल शामिल हैं। इस स्थिति में क्यों न चार्टर्ड इंजीनियर को नियुक्त कर दें, जिससे 1 जुलाई से केवल उन्हीं स्कूलों का संचालन हो जिनको वे सर्टिफाइड करें।

नहीं चलेगा पैसे की कमी का बहाना

बजट का मुद्दा आने पर कोर्ट ने कहा कि यह सरकार की समस्या हैं, अदालती आदेश की पालना होनी ही चाहिए। इसी दौरान केंद्र सरकार की ओर से कहा कि राज्य सरकार ने स्कूल भवनों के लिए बजट मांगा है, उसकी जानकारी अभी तक राज्य के अधिकारियों से नहीं मिली है। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि स्कूल भवनों के लिए सरकार ने प्रवासियों से सहयोग मांगा है।

11 करोड़ ही मिले अभी तक

सुनवाई में यह भी सामने आया कि सरकार ने प्रवासियों को स्कूल भवन संबंधी आवश्यकताओं को लेकर सहयोग मांगा, जिस पर अब तक 11 करोड़ रुपए का सहयोग मिला है।

Updated on:
6 Mar 2026, 8:18 AM IST
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