Rajasthan Hospitals New System : राजस्थान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। राजस्थान में 1 अप्रैल से मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध सभी अस्पतालों में क्यूआर कोड आधारित सफाई व्यवस्था अनिवार्य होगी। गाइडलाइन जारी कर दी गई है।
Medical Education Department issued Guidelines : राजस्थान के सभी मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध अस्पतालों में 1 अप्रेल से क्यूआर कोड आधारित सफाई व्यवस्था अनिवार्य रूम से लागू की जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह के निर्देशों पर इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं अस्पताल में बेहतर साफ-सफाई की दृष्टि से आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर ने क्यूआर कोड आधारित सफाई व्यवस्था शुरू करने का नवाचार किया था। उसके बाद प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पताल एवं अन्य चिकित्सा संस्थानों में इस नवाचार को अपनाने के निर्देश दिए गए थे। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों के लिए अब यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2024 से अनिवार्य की जा रही है।
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त इकबाल खान ने बताया कि यह व्यवस्था लागू करने के लिए मेडिकल कॉलेज जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर, बाड़मेर, डूंगरपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, सीकर, पाली, चूरू, झालावाड़ एवं आरयूएचएस जयपुर के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इन सभी मेडिकल कॉलेजों को यह व्यवस्था लागू कर 5 अप्रैल तक पालना रिपोर्ट से अवगत कराना होगा।
यह भी पढ़ें - पशु चिकित्सक भर्ती-2019 पर आया नया अपडेट, प्रभावित पक्षकारों का हाईकोर्ट पहले सुनेगा पक्ष
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त इकबाल खान ने बताया कि क्यूआर कोड आधारित सफाई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी सम्बद्ध अस्पतालों में नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। वे क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त सफाई संबंधी शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। साथ ही चिकित्सा महाविद्यालय स्तर पर एक तकनीकी अधिकारी या आईटी कार्मिक को भी नामित किया जाएगा, जो इस व्यवस्था में आने वाली समस्याओं का समाधान करेंगे एवं प्राप्त शिकायतों का संकलन करेंगे।
यह भी पढ़ें - 1 अप्रेल से बदल जाएगा नियम, अब वाहन संग डीएल और आरसी रखना जरूरी नहीं