
जयपुर। राजस्थान में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 28 जिलों में अगले तीन घंटे के दौरान बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इनमें 11 जिलों में ऑरेंज और 17 जिलों में येलो अलर्ट है। पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार नागौर, डीडवाना-कुचामन, सीकर, जोधपुर, पाली, जालोर, बालोतरा, बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी और बीकानेर में ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों तथा आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से तीव्र मेघगर्जन के साथ अचानक तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश के दौर भी आने की संभावना है।
बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सलूम्बर, उदयपुर, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, राजसमंद, सिरोही, चित्तौड़गढ़, जयपुर, झुंझुनूं, चूरू और ब्यावर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन की संभावना है।
पिछले 24 घंटे में भी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश, जबकि भरतपुर, जयपुर और अजमेर संभाग में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। जयपुर में 18 सितंबर की सुबह तक पिछले 24 घंटे में 61.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस बीच डूंगरपुर, बूंदी और बांसवाड़ा जिले में तेज बारिश हुई।
शुक्रवार को भी बारिश का असर कई इलाकों में दिखाई दिया। अजमेर में करीब चार इंच और सवाई माधोपुर में करीब तीन इंच बारिश दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई है। डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर संभाग के कई हिस्सों में भी गुरुवार रात से शुक्रवार तक तेज बारिश हुई। इससे नदी-नालों और बांधों में पानी की आवक बढ़ी है।
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिणी राजस्थान, गुजरात और आसपास के क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर होकर परिसंचरण तंत्र के रूप में मौजूद है। इसके साथ ही एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में 19 और 20 सितंबर को भी कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश जारी रह सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले एक-दो दिन में बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है। 21 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। यह स्थिति मानसून की विदाई की ओर बढ़ने का संकेत भी मानी जा रही है।
मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में जलभराव और सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है। तेज हवाओं के दौरान बड़े पेड़, बिजली के खंभे, कच्चे मकान और कमजोर ढांचों को नुकसान हो सकता है। लोगों को मेघगर्जन के दौरान पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े नहीं होने तथा निचले इलाकों और अंडरपास में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।