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जयपुर महापौर चुनाव में घमासान : कांग्रेस ने पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन, पार्षदों को डराने-धमकाने का मामला

जयपुर महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन के सामने पार्षदों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। पार्टी ने मतगणना में कथित अनियमितताओं और पुलिस दुर्व्यवहार की जांच के साथ ही पार्षदों को मतदान से रोकने के लिए किसी भी तरह के दबाव या कार्रवाई से बचने की मांग की है।
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जयपुर

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Kamal Mishra

Sep 18, 2026

Jaipur mayor election

Jaipur: सुनील शर्मा, जिला अध्यक्ष, जयपुर कांग्रेस कमेटी (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। जयपुर नगर निगम के महापौर चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने अपने निर्वाचित पार्षदों की सुरक्षा और चुनाव में उनकी स्वतंत्र भागीदारी सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने मतगणना के दौरान प्रत्याशियों के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार और पार्षदों को डराने-धमकाने की आशंका को लेकर पुलिस प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

कांग्रेस की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि मतगणना के दौरान कम से कम सात मामलों में लगातार आगे चल रहे कांग्रेस प्रत्याशियों को बेहद कम अंतर से पराजित घोषित किया गया। पार्टी का आरोप है कि प्रत्याशियों ने जब परिणाम और मतगणना में विसंगतियों को लेकर पुनर्मतगणना की मांग की तो उनकी शिकायत सुनने के बजाय पुलिस ने धक्का-मुक्की और बल प्रयोग करते हुए उन्हें मतगणना स्थल से बाहर कर दिया।

मेयर चुनाव में पार्षदों को डराने की आशंका

कांग्रेस नेताओं ने आशंका जताई कि महापौर चुनाव के दौरान भी सत्ताधारी दल के दबाव में उसके पार्षदों को डराया या धमकाया जा सकता है। ज्ञापन में कहा गया है कि किसी पार्षद को मतदान से रोकने के उद्देश्य से हिरासत में लेना, थाने ले जाना या रास्ते में रोकना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप माना जाएगा।

राजनीतिक दबाव का आरोप

ज्ञापन में पुलिस प्रशासन से मांग की गई कि सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं कि किसी निर्वाचित पार्षद को राजनीतिक दबाव में धमकाया या अनधिकृत रूप से हिरासत में न लिया जाए। साथ ही पार्षदों के निर्वाचन स्थल तक आवागमन, प्रवेश, मतदान और वापसी में किसी तरह की बाधा नहीं डालने की मांग की गई है।

7 मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग

कांग्रेस ने शिकायतों के तत्काल निस्तारण के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने और उसका संपर्क नंबर उपलब्ध कराने की भी मांग की। इसके अलावा मतगणना के दौरान सामने आए सात मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, सीसीटीवी फुटेज व वीडियोग्राफी सुरक्षित रखने तथा कथित मारपीट और अनुचित बल प्रयोग के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।

ज्ञापन पर जयपुर कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील शर्मा, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक रफीक खान, विधायक अमीन कागजी और पूर्व विधायक गंगा देवी के हस्ताक्षर हैं।

यह वीडियो भी देखें :

जयपुर में भाजपा के 78 पार्षद

गौरतलब है कि जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के अंतिम नतीजों में भाजपा के 78 और कांग्रेस के 57 पार्षद हैं, जबकि अन्य सीटों पर निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए हैं। महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी निकाय चुनावों के संदर्भ में पुलिस के कथित इस्तेमाल को लेकर आरोप लगा चुके हैं।

कांग्रेस ने पुलिस कमिश्नर से अपील की है कि महापौर निर्वाचन भयमुक्त, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में कराया जाए तथा निर्वाचित पार्षदों के लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।