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DUSU Election 2026 : राजस्थान के युवा नेता इतिहास रचने की दहलीज पर, NSUI के विजय मीणा और ABVP के लक्ष्यराज की चमकेगी किस्मत!

DUSU Elections 2026 में राजस्थान का बड़ा दांव! NSUI के प्रेसिडेंट कैंडिडेट विजय शंकर मीणा और संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्यराज सिंह बने केंद्र बिंदु। जानिए अपडेट।
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Rajasthan leaders in Delhi University Student Union Elections 2026 - PIC

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU Election 2026) के महासमर में इस बार सबसे बड़ा और दिलचस्प मोड़ 'राजस्थान कनेक्शन' बनकर उभरा है। देश के सबसे प्रतिष्ठित छात्र राजनीति के मैदान में इस बार राजस्थान के दो युवा नेता न केवल मुख्य पदों पर सीधे उम्मीदवार के रूप में ताल ठोके हुए हैं, बल्कि पूरे राज्य की छात्र राजनीति का असर दिल्ली कैंपस में साफ दिखाई दे रहा है। आज शुक्रवार 18 सितंबर को करीब 1.5 लाख से अधिक मतदाताओं के लिए मतदान संपन्न होने के बाद, अब सभी की निगाहें कल शनिवार 19 सितंबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। NSUI ने जहां राजस्थान के साधारण परिवार से आने वाले आदिवासी छात्र विजय शंकर मीणा को सीधे अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाकर मास्टरस्ट्रोक खेला है, वहीं ABVP ने राजस्थान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल खिलाड़ी लक्ष्यराज सिंह को संयुक्त सचिव पद पर मैदान में उतारा है।

राजस्थान के चेहरों पर क्यों टिकीं सबकी निगाहें?

दिल्ली यूनिवर्सिटी की राजनीति में वैसे तो देश भर के छात्र भाग लेते हैं, लेकिन 2026 के इस चुनाव में राजस्थान के युवाओं ने केंद्र बिंदु बना लिया है:

NSUI : विजय मीणा

NSUI ने राजस्थान के मूल निवासी और आदिवासी समाज से आने वाले छात्र विजय शंकर मीणा को प्रेसिडेंट पद का टिकट दिया है। राजस्थान यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद DU के बौद्ध अध्ययन विभाग में दाखिला लेने वाले विजय शंकर मीणा के जरिए संगठन ने कैंपस में सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व का बड़ा दांव चला है।

ABVP : लक्ष्यराज सिंह

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध ABVP ने संयुक्त सचिव पद पर राजस्थान के चूरू जिले के रहने वाले लक्ष्यराज सिंह पर भरोसा जताया है। लक्ष्यराज अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैंडबॉल खिलाड़ी हैं, जो एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

NSUI : गोपाल चौधरी

संयुक्त सचिव प्रत्याशी भी राजस्थान से: NSUI के गोपाल चौधरी भी राजस्थान पृष्ठभूमि से हैं और सत्यवती कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी कर वर्तमान में एमए बौद्ध अध्ययन के छात्र हैं।

राजस्थान के छात्र नेताओं ने दिल्ली में डाला डेरा

केवल प्रत्याशी ही नहीं, बल्कि राजस्थान की छात्र राजनीति का अनुभव रखने वाले बड़े नाम भी दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ और साउथ कैंपस में प्रचार की कमान संभालते नजर आए। राजस्थान विश्वविद्यालय (RU) और जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU Jodhpur) के कई पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष और छात्र नेता हफ्तों से दिल्ली में डेरा डाले हुए थे।

इन छात्र नेताओं ने हॉस्टलों, पीजी और कॉलेजों के बाहर राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छात्रों को एकजुट करने के लिए दिन-रात प्रचार किया। मारवाड़ी और राजस्थानी समुदाय के छात्रों को साधने के लिए विशेष कैंपेन चलाए गए।

ये हैं मुकाबले में 

पद (Post)ABVP पैनल NSUI पैनल AISA-SFI गठबंधन
अध्यक्ष (President)यश डबासविजय शंकर मीणा (राजस्थान)अनन्या रतुड़ी
उपाध्यक्ष (Vice-President)ईशू मौर्यवीर चतरथअक्षत शिखर
सचिव (Secretary)रिया छाबड़ीनम्रता चौधरीस्टैंजिन देस्कयोंग
संयुक्त सचिव (Joint-Secretary)लक्ष्यराज सिंह (राजस्थान)गोपाल चौधरी (राजस्थान)बी पारिजात

19 सितंबर को घोषित होंगे नतीजे

डूसू चुनाव 2026 के लिए 18 सितंबर को दो पारियों में मतदान आयोजित किया गया। मॉर्निंग और इवनिंग कॉलेजों के छात्रों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

वोटिंग काउंट: कुल 1,51,842 योग्य मतदाताओं के लिए 158 मतदान बूथ बनाए गए।

काउंटिंग का समय: वोटों की गिनती कल 19 सितंबर को सुबह 8 बजे नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम में शुरू होगी।

नतीजों की संभावना: दोपहर तक चारों मुख्य पदों (अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव) के रुझान और अंतिम नतीजे साफ हो जाएंगे।

त्रिकोणीय हुआ मुकाबला: ABVP vs NSUI vs AISA-SFI

हर बार की तरह इस बार भी मुख्य लड़ाई ABVP और NSUI के बीच ही मानी जा रही है, लेकिन वामपंथी छात्र संगठनों AISA और SFI के गठबंधन ने चारों पदों पर मजबूत प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।

DUSU के शीर्ष पदों पर रहने वाले राजस्थान के प्रमुख नेता

डूसू के इतिहास में सेंट्रल पैनल (चार मुख्य पदों) पर कई राजस्थानी चेहरे काबिज रहे हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख नाम हैं:

महिपाल महला: राजस्थान के झुंझुनू जिले से आने वाले महिपाल महला ने वर्ष 2014 में एबीवीपी (ABVP) के टिकट पर डूसू उपाध्यक्ष (Vice-President) का चुनाव जीता था। इसके बाद वे दिल्ली और राजस्थान दोनों जगहों की छात्र राजनीति में बेहद सक्रिय रहे।

अंजलि राठी: राजस्थान की पृष्ठभूमि से आने वाली अंजलि राठी ने एबीवीपी के बैनर तले डूसू के सचिव (Secretary) पद पर जीत हासिल की थी।

'किंगमेकर' और प्रचारक के रूप में राजस्थान के नेताओं का दबदबा

डूसू के इतिहास में केवल प्रत्याशी ही नहीं, बल्कि राजस्थान के कई दिग्गज छात्र नेताओं ने दिल्ली में रहकर चुनाव जिताने (किंगमेकर) की भूमिका निभाई है। दिल्ली विश्वविद्यालय में जाट, गुर्जर और मीणा समुदायों के छात्रों की एक बड़ी संख्या राजस्थान से जाकर वहां पढ़ाई करती है। यही कारण है कि हर साल डूसू चुनाव में राजस्थान विश्वविद्यालय (RU), जोधपुर विश्वविद्यालय (JNVU), और शेखावाटी क्षेत्र के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष (जैसे निर्मल चौधरी, अरविंद सिंह भाटी आदि) दिल्ली के कैंपसों में विशेष रूप से डेरा डालते हैं। वे हॉस्टलों और पीजी (PG) में जाकर राजस्थानी मूल के छात्रों को गोलबंद करते हैं, जिससे डूसू की जीत-हार तय होती है।