Jaipur News: ऐसे में शहर में निगम की टीम ने बैनर और पोस्टर्स को हटाना शुरू कर दिया। जब टीम कल रात बड़ी चौपड़ पर पहुंची तो वहां कार्रवाई के दौरान हंगामा हो गया।
Ramleela poster controversy: जयपुर में रामलीला के मंचन से संबधित पोस्टर फाड़ने को लेकर कल रात हंगामा हो गया। बड़ी चौपड़ पर लगे इन पोस्टर को हटाने के बाद हिंदू संगठन से ताल्लुक रखने वाले कई लोग मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। विरोध बढ़ता देख पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और बाद में मेयर के पति भी वहां आ गए। उसके बाद मामला शांत हो सका। कुछ पोस्टर को फिर से लगा भी दिया गया।
दरअसल कल दोपहर में जयपुर नगर निगम हैरिटेज के कमिश्नर अरूण कुमार हसीजा ने निगम के अधिकारियों की बैठक ली और उनको निर्देश दिए कि शहर को बैनर और पोस्टर्स से मुक्त करें। जिन जगहों पर इजाजत नहीं है उन जगहों पर बैनर और पोस्टर हटा दें और फिर से नहीं लगने दें। ऐसे में शहर में निगम की टीम ने बैनर और पोस्टर्स को हटाना शुरू कर दिया। जब टीम कल रात बड़ी चौपड़ पर पहुंची तो वहां कार्रवाई के दौरान हंगामा हो गया।
बैनर लगाने वाले संगठनों के युवाओं का कहना था कि उन्होनें निगम के अधिकारियों और मेयर की इजाजत लेकर ही रामलीला मंचन के बारे में बैनर लगाए थे, लेकिन इन्हें अब फाड़ दिया गया है। ऐसा करना उचित नहीं है। रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन काफी समय के बाद हो रहा है। बैनर और पोस्टर के जरिए ही इस बारे में लोगों को पता लग रहा है। ऐसे में इन्हें हटाना सही नहीं है। लोगों का आरोप था कि एक खास अधिकारी के कहने पर सिर्फ रामलीलाल के पोस्टर ही हटाए जा रहे हैं।
उधर रात में मौके पर पहुंचे मेयर कुसुम यादव की ओर से मौके पर पहुंचे अजय यादव ने हालात संभाले। यादव ने बताया कि रात के समय पोस्टर हटाने के बाद कुछ विवाद हुआ था। बाद में निगम की टीम ने वापस पोस्टर लगा दिए। उनसे यही कहा गया कि जब तक रामलीला का मंचन नहीं हो जाता तब तक ये पोस्टर ना हटाएं जाए। कुछ लोगों ने निगम टीम से अभद्रता करने की कोशिश की थी, बाद में सभी पक्षों को समझाकर मामला शांत किया गया।
निगम के बाहर विरोध प्रदर्शन…
उधर इस पूरे मामले को लेकर ’श्री सनातन धर्म महोत्सव समिति’ द्वारा हैरिटेज निगम के बाहर प्रदर्शन किया जाना है। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि रात को ही हम लोग मौके पर पहुंच गए थे। जयपुर में कई सालों के बाद रामलीला हो रही है और लोग इसे पसंद कर रहे हैं। लेकिन उसके बाद भी निगम के कुछ अधिकारियों ने इस तरह का कृत्य किया है जो अशोभनीय है। हमने निगम और मेयर से पूछकर ही पोस्टर और बैनर लगाए थे, उन्हें हमारी आंखों के सामने ही फाड़ दिया गया। हम इस मामले में विरोध दर्ज करा रहे हैं।