जयपुर

Good News: राजस्थान में ‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ अभियान शुरू, बारिश से खराब फसल का 72 घंटे में मिलेगा बीमा क्लेम

खरीफ-2025 में पीएम फसल बीमा योजना के तहत देशभर में 8.71 करोड़ पॉलिसियों में से 2.16 करोड़ यानी 25% पॉलिसियां राजस्थान की हैं। ’मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ अभियान में 32.10 लाख किसानों को पॉलिसियां वितरित की जाएंगी। बारिश से खराब फसल का 72 घंटे में क्लेम मिलेगा।
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Oct 02, 2025
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की पॉलिसी सौंपते कृषि मंत्री

जयपुर: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत देश भर में खरीफ-2025 की 8 करोड़ 71 लाख बीमा पॉलिसियां करवाई गई हैं, जिनमें से 2 करोड़ 16 लाख यानी 25 प्रतिशत पॉलिसियां अकेले राजस्थान की हैं। यह जानकारी कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने दी।


उन्होंने बुधवार को पंत कृषि भवन में किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की पॉलिसियों का वितरण कर खरीफ-2025 की ’मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ अभियान की शुरुआत की। कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को बीमा के प्रति जागरूक करने के लिए पूरे प्रदेश में ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शिविर लगाकर 1 से 31 अ€क्टूबर तक घर-घर पॉलिसियों का वितरण किया जाएगा।


इस दौरान 32.10 लाख किसानों को लगभग 2.16 करोड़ पॉलिसियों का वितरण किया जाएगा। कृषि विभाग के अधिकारी भी नई तकनीक और योजनाओं की जानकारी देंगे।


पॉलिसी यहां से करें प्राप्त


जो किसान इन शिविरों में पॉलिसी लेने से वंचित रह जाते हैं, वे फसल बीमा पॉलिसी संबंधित कृषि पर्यवेक्षक एवं बीमा कंपनी के स्थानीय कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।


कटाई के बाद बारिश से खराब फसल का मिलेगा बीमा क्लेम


खेत में सुखाने के लिए रखी फसल अगर बारिश से खराब होती है तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नुकसान की भरपाई हो सकेगी। हालांकि, प्रभावित बीमित फसल के किसान को 72 घंटे के भीतर खराबे की सूचना कृषि विभाग को देनी होगी।


वहीं, विभाग ने अधिकारियों और बीमा कंपनियों को तत्काल फील्ड में फसल खराबे का सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कृषि विभाग के सचिव राजन विशाल ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत असामयिक वर्षा से फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी फसल को 14 दिन की अवधि में नुकसान होने पर व्यक्तिगत आधार पर बीमा आवरण उपलब्ध है।

प्रभावित काश्तकार को बीमित फसल के नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल पर देनी होगी। जिले में कार्यरत बीमा कंपनी को भी इसकी सूचना देना जरूरी है।

Published on:
02 Oct 2025 10:33 am