
Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 का बिगुल गुरुवार को गांवों में बज गया, लेकिन मतदाताओं में वह जोश नहीं दिखा, जो शहरों में नजर आया था। पहले चरण में 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के लिए कुल मतदान करीब 63 फीसदी रहा। शहरी निकायों के पहले चरण में यह आंकड़ा 76.41 फीसदी था। यानी गांव शहरों से काफी पीछे रहे। अंतिम आंकड़ों में इसमें कुछ बढ़ोतरी की उम्मीद है। इस चरण में 2,081 सदस्यों के लिए 6,926 दावेदार मैदान में थे।
16 जिला परिषदों के 293 और 104 पंचायत समितियों के 1,788 सदस्यों के लिए एक साथ ईवीएम के जरिए वोट डाले गए। इस दौरान बाड़मेर जिले की मंगता पंचायत समिति और उदयपुर जिले की नाई पंचायत समिति ने मतदान के मामले में बाजी मारी, जहां मतदान 79 फीसदी से अधिक रहा। मंगता पंचायत समिति में सर्वाधिक 79.55% मतदाताओं ने मतदान केंद्रों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके विपरीत पाली और सिरोही जिलों में लोग मतदान केंद्रों तक कम ही पहुंचे। पाली की रानी पंचायत समिति में तो मतदान महज 40.02% रहा।
जयपुर जिले की आठ पंचायत समितियों में भी गुरुवार को 65% मतदान हुआ। झोटवाड़ा पंचायत समिति में यह आंकड़ा 72% पहुंच गया।
राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण की 17 जिला परिषदों और 116 पंचायत समितियों के लिए शुक्रवार को नामांकन का अंतिम दिन है। शनिवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी। एक ओर पहले चरण का मतदान हो चुका है, तो दूसरी ओर दूसरे चरण के लिए प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो चुकी है।
अब सबकी नजर गांव की सरकार चुनने पर है। इन्हीं 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में सरपंचों और 28,422 वार्ड पंचों के लिए शुक्रवार को नामांकन भरे जाएंगे। मतदान शनिवार सुबह 7 बजे शुरू होगा और शाम 6 बजे तक चलेगा। वार्ड पंच और सरपंचों के नतीजे शनिवार रात को ही घोषित कर दिए जाएंगे, जबकि रविवार को उपसरपंच का चुनाव होगा। अब तक इन ग्राम पंचायतों में प्रशासक ही ग्रामीण सरकार चला रहे थे।