जयपुर

राजस्थान पंचायत चुनाव के बीच संभलकर! सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर, जरा सी हुड़दंगई-अभद्र टिप्पणी पहुंचाएगी सीधे हवालात

जयपुर रेंज पुलिस ने पंचायत चुनाव के दौरान सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर 'माइक्रो-लेवल साइबर सर्विलांस' शुरू किया है। भड़काऊ संदेश, अभद्र टिप्पणी या फर्जी वीडियो फॉरवर्ड करने पर BNS व IT एक्ट के तहत सीधी गिरफ्तारी होगी। व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन तुरंत 'Only Admins' सेटिंग लागू करें, वरना कार्रवाई तय है।
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Oct 15, 2026
rajasthan panchayat chunav 2026
राजस्थान पंचायत चुनाव के बीच सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर (फोटो-एआई)

जयपुर: राजस्थान में पंचायत चुनाव की सरगर्मी के बीच यदि आप गांव-कस्बे के किसी व्हाट्सएप ग्रुप में सक्रिय हैं, तो संभल जाइए! चुनाव में किसी प्रत्याशी के समर्थन या विरोध में लिखी गई तीखी टिप्पणी, अभद्र भाषा या फर्जी वीडियो फॉरवर्ड करना आपको सीधे जेल पहुंचा सकता है। इस बार पुलिस प्रशासन ने गांव-देहात के स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया हैंडल पर 'माइक्रो-लेवल साइबर सर्विलांस' शुरू किया है। जयपुर रेंज पुलिस के इस अभियान में अनजाने में भड़काऊ सामग्री शेयर करने वाले भी फंदे में फंस रहे हैं।

वर्चुअल दुनिया की एक भूल और पुलिस की सख्ती

कोटपूतली: हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड करने वाले सचिन रावत को पुलिस ने दबोचा। धमकी देने और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज इस मामले में दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

अलवर: ट्रक के केबिन पर चढ़कर स्टंट का वीडियो सोशल मीडिया पर डालने वाले चालक को पुलिस ने पकड़कर छह महीने के लिए पाबंद किया।

सवाई माधोपुर: नेता के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले युवक को पुलिस ने पकड़ा। शांतिभंग में गिरफ्तारी के बाद उसे सार्वजनिक रूप से वीडियो जारी कर माफी मांगनी पड़ी।

ग्रुप एडमिन और फॉरवर्ड करने वाला भी दोषी

बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत भड़काऊ या चरित्र हनन करने वाला मैसेज बनाना जितना बड़ा अपराध है, उसे बिना पुष्टि आगे बढ़ाना (फॉरवर्ड करना) भी उतना ही गंभीर है। यदि व्हाट्सएप ग्रुप में आपत्तिजनक सामग्री पर एडमिन रोक नहीं लगाता या पुलिस को सूचित नहीं करता, तो उस पर भी सहभागिता से संबंधित धाराओं में कार्रवाई हो सकती है।

खुद को सुरक्षित रखने के लिए यह करें

ग्रुप एडमिन: वॉट्सऐप ग्रुप की सेटिंग में 'Send Messages' को चुनाव तक 'Only Admins' पर सेट रखें।

गलती से पोस्ट हो जाए तो: तुरंत 'Delete for Everyone' करें और ग्रुप में स्पष्टीकरण दें।

शिकायत दर्ज कराएं: कोई आपत्तिजनक पोस्ट करे तो स्क्रीनशॉट लेकर नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दें।

जयपुर रेंज: इस वर्ष की कार्रवाई

सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के प्रयास: 14 प्रकरण

कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली/भड़काऊ पोस्ट: 27 प्रकरण

पाबंद किए गए व्यक्ति: 32

कुल दर्ज एफआईआर: 32

चेकलिस्ट: भूलकर भी न करें

किसी प्रत्याशी, जाति, धर्म या समुदाय के खिलाफ अभद्र शब्द न लिखें।

बिना पुष्टि के किसी भी चुनावी हिंसा या भड़काऊ अफवाह का मैसेज फॉरवर्ड न करें।

हथियारों, स्टंट या भड़काऊ नारों वाले ऑडियो-वीडियो शेयर न करें।

पंचायत चुनाव हो या सामान्य दिन, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और माहौल बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हमारी साइबर टीम हर छोटे-बड़े ग्रुप पर नजर रख रही है। जनता जिम्मेदारी से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करे। धमकी या भड़काऊ पोस्ट मिलने पर पीड़ित तुरंत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं।

— राहुल प्रकाश, आईजी, जयपुर रेंज

Updated on:
15 Oct 2026 07:31 am
Published on:
15 Oct 2026 07:31 am