
Rajasthan News : राजस्थान में दूध की मांग पूरा करने के लिए बछड़े की जगह बछिया ही जन्म ले, इसके लिए पशुपालन विभाग सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना के तहत 1 लाख डोज उपलब्ध करवाएगा। राज्य में इस माह के अंत तक इनकी आपूर्ति हो जाएगी। करीब एक लाख डोज की आपूर्ति के कार्यादेश अप्रेल तक जारी होंगे। करीब 250 रुपए की डोज पर पशुपालकों को 75 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इस डोज से कृत्रिम गर्भाधान कराने से 90 प्रतिशत मामलों में बछिया का जन्म होगा।
नीति आयोग की वर्ष 2024 में प्रस्तुत क्रॉप हसबैंडरी, एग्रीकल्चर इनपुट डिमांड एंड सप्लाई पर वर्किंग ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 में भारत में दूध की मांग 186 मिलियन टन थी और 2025-26 के लिए 243 मिलियन टन का आकलन है। देश में दूध उत्पादन 2019-20 में 198.44 मिलियन टन था, जो 2023-24 में बढ़कर 239.30 मिलियन टन आंका गया। विश्व में दुग्ध उत्पादन 2 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है जबकि भारत में 5.62 प्रतिशत की दर से बढ़ा है।
2018-19-850
2019-20-904
2020-21-1075
2021-22-1150
2022-23-1138
स्रोत: राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (आंकड़े ग्राम में)
2018-19-23668.07
2019-20-25573.09
2020-21-30723.11
2021-22-33264.70
2022-23-33306.80
(आंकड़े टन में)
सेक्स सॉर्टेड सीमेन योजना के तहत पशुपालक आसानी से कृत्रिम गर्भाधान करा सकेंगे। इससे नर गोवंश की जन्मदर घटेगी। वहीं, दुधारू पशुओं की उन्नत नस्ल का विकास हो सकेगा। विभाग एक लाख डोज उपलब्ध कराएगा।
डॉ. प्रवीण कुमार, अतिरिक्त, निदेशक उत्पादन और विस्तार, पशुपालन विभाग