
इन दिनों देशभर में साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान पुलिस ने आमजन को साइबर ठगी से बचाव के लिए दी बेहद जरूरी सलाह दी है। हाल ही में पुलिस ने अपने अधिकारिक एक्स हैंडल पर जागरुकता भरा पोस्ट जारी कर बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर घबराने की बजाय ‘गोल्डनआवर’ में सही कदम उठाना आपकी रकम वापस दिलवा सकता है। साइबर अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन तुरंत कार्रवाई से नुकसान कम किया जा सकता है।
अगर आपके या किसी परिचित के साथ साइबर फ्रॉड हो जाए तो सबसे पहले घबराएं नहीं। राजस्थान पुलिस के अनुसार तुरंत ये कदम उठाएं।
शिकायत दर्ज कराने के लिए 1930 के अलावा व्हाट्सएप नंबर 9256001930, 9257510100 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी संपर्क कर सकते हैं। राजस्थान पुलिस का संदेश साफ है—आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर।
राज्य में साइबर ठगी के कई बड़े मामले सामने आ रहे हैं। सबसे ताजा है 6.80 करोड़ रुपए का ‘बॉस स्कैम’। इसमें ठगों ने कंपनी के डायरेक्टर का रूप धारण कर अकाउंटेंट को पैसा ट्रांसफर करने के लिए प्रेरित किया। राजस्थान पुलिस की सेंट्रल साइबर क्राइम थाना ने इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 10 सितंबर 2026 को बाड़मेर निवासी तगाराम को गिरफ्तार किया गया, जिसने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। इस खाते में 24 अगस्त को 2.50 लाख रुपये आए थे। ठगों ने म्यूल अकाउंट, UPI, QR कोड और यहां तक कि क्रिप्टोकरेंसी(USDT) का इस्तेमाल रकम छिपाने के लिए किया। करीब 3.50 करोड़ रुपए होल्ड करवाए जा चुके हैं।
सीकर में भी इस साल साइबर फ्रॉड के मामले बढ़े हैं। जनवरी से सितंबर 2026 तक 49 मामले दर्ज हुए, जबकि पिछले साल सिर्फ 15 थे। ट्रेडिंग और अन्य ऑनलाइन स्कीमों के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ठगे गए। राजसमंद में ‘प्लेबॉयजॉब’ के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के 11 आरोपी पकड़े गए। जयपुर में फर्जी कॉल सेंटर भी ध्वस्त किया गया।
साइबर ठग लगातार नए तरीके अपना रहे हैं—फर्जी जॉब ऑफर, डिजिटल अरेस्ट, बॉस स्कैम या वर्क फ्रॉम होम। राजस्थान पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है और त्वरित कार्रवाई कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि फ्रॉड के तुरंत बाद 1930 पर कॉल करने से कई मामलों में रकम वापस मिल जाती है।नागरिकों से अपील है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज, लिंक या कॉल पर भरोसा न करें। OTP और बैंक डिटेल्स कभी शेयर न करें। साइबर फ्रॉड की शिकायत में देरी न करें। साइबर सुरक्षा अपनाएं, सुरक्षित रहें।