तकनीकी सशक्तीकरण पर जोर देते हुए राजकोप सिटिजन ऐप की कार्यप्रणाली भी समझाई, जिससे बुजुर्ग अपनी सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा सकें
जयपुर. राजस्थान पुलिस ने नववर्ष 2026 के प्रथम दिन को प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक सहभागिता के लिए समर्पित किया। महानिदेशक पुलिस राजीव शर्मा के विजन ‘सुरक्षित बुजुर्ग-सुरक्षित समाज’ के अनुरूप पुष्पांजलि वृद्ध आश्रम में विशेष जागरूकता और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कम्युनिटी पुलिसिंग सुनीता मीना उपस्थित रहीं। उन्होंने वर्तमान समय में वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बना रहे साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी। बुजुर्गों से संवाद के दौरान एएसपी मीना ने साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय बताए और प्रेरित किया कि किसी भी अनजान लिंक या कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। उन्होंने तकनीकी सशक्तीकरण पर जोर देते हुए राजकोप सिटिजन ऐप की कार्यप्रणाली भी समझाई, जिससे बुजुर्ग अपनी सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा सकें। तकनीकी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए एएसपी सुनीता मीना ने राजकोप सिटिजन ऐप की कार्यप्रणाली को समझाया। उन्होंने बताया कि आपातकालीन स्थिति में यह ऐप कैसे उनके लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है और इसके माध्यम से एक क्लिक पर पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है।
समस्याओं का समाधान और सुरक्षा का भरोसा
पुलिस टीम ने आश्रम के निवासियों की व्यक्तिगत और सुरक्षा संबंधी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना। टीम ने बुजुर्गों को आश्वस्त किया कि राजस्थान पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है और किसी भी प्रकार की विधिक सहायता के लिए वे निःसंकोच संपर्क कर सकते हैं।