गहलोत की मौजूदगी में मंच पर भले ही प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल मौजूद नहीं थे, लेकिन उनके भाई व पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल ने ज़रूर उनकी नुमाइंदगी की।
लोकसभा चुनाव की हलचलों से राजस्थान में सियासी पारा गर्माया हुआ है। 19 अप्रेल को होने वाले पहले चरण की वोटिंग के लिए प्रचार अभियान का शोर गुरुवार को थम गया। ऐसे में प्रचार के आखिरी दिन सभी प्रत्याशियों के साथ ही उनके समर्थन में उतरे सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
कांग्रेस पार्टी के स्टार प्रचारक पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का भी गुरुवार को 'तूफानी' चुनावी दौरे रहे। उन्होंने तीन लोकसभा सीटों को एक ही दिन में नापते हुए संबंधित क्षेत्र के प्रत्याशियों के लिए वोट अपील की। उनके इस चुनावी दौरे में बाड़मेर-जैसलमेर, नागौर और सीकर लोकसभा सीटें शामिल रहीं।
तीन लोकसभा क्षेत्रों के लिए चुनावी दौरे पर निकले पूर्व सीएम अशोक गहलोत का नागौर दौरा चर्चा में है। दरअसल, यहां वे आरएलपी-इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल के समर्थन में वोट मांगने पहुंचे थे। उम्मीद थी कि इस सार्वजनिक सभा में पूर्व सीएम अशोक गहलोत और प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल एक मंच साझा करेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
गहलोत की मौजूदगी की इस सभा में कांग्रेस, आरएलपी और इंडिया गठबंधन से जुड़े दर्जन भर से भी ज़्यादा नेता मंच पर नज़र आए। लेकिन जिस प्रत्याशी के समर्थन में सभा थी, वो ही मंच से नदारद रहा। इसे लेकर मौके पर सभा स्थल पर और फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक में चर्चा होने लगी। प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल की तस्वीर ज़रूर मंच पर लगे पोस्टर में नज़र आई।
इस चुनावी सभा में गहलोत के अलावा पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल, पूर्व उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी, मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत, नागौर विधायक हरेंद्र मिर्धा, पूर्व विधायक मंजू मेघवाल, चेतन चौधरी, नारायण बेनीवाल, सोना बावरी, पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़, पूर्व प्रधान रिद्धकरण लोमरोड़ सहित कांग्रेस व आरएलपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
गहलोत की मौजूदगी में मंच पर भले ही प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल मौजूद नहीं थे, लेकिन उनके भाई व पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल ने ज़रूर उनकी नुमाइंदगी की। नारायण ने सभी अतिथि नेताओं का स्वागत भी किया।
गहलोत के साथ मंच साझा नहीं होने के पीछे हनुमान बेनीवाल के अन्य जगहों पर चुनावी प्रचार में व्यस्तता का कारण सामने आया है। उन्होंने परबतसर विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय विधायक रामनिवास गावड़िया और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के वरिष्ठ नेता लच्छाराम बडारडा के साथ मिलकर कई क्षेत्रों में प्रचार किया।
जानकारी के अनुसार गहलोत के नागौर दौरे के दिन बेनीवाल ने जावला से जनसंपर्क की शुरुआत की। उन्होंने बीठवालिया, कुराड़ा, गुलर, हरनावा, बड़ू, भादवा, जन्जिला, ललाना कलां, चिताई, हुलढाणी, खिदरपूरा, किनसरिया, बिदियाद, खोखर, रुनीजा, गांगवा, गुढा, मंगलाना, मंडावरा, नारायणपुरा, पलाड़ा, मीठड़ी, लिचाना, पदमपुरा-सरगोठ, जसराना, रसाल, आनंदपुरा और आखिर में परबतसर शहर में भी जनसंपर्क किया।
चुनाव प्रचार के कारण भले ही हनुमान बेनीवाल ने गहलोत के साथ मंच साझा नहीं किया, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए उनके नागौर दौरे को लेकर आभार ज़रूर जताया। बेनीवाल ने उनके समर्थन में गहलोत के कार्यक्रम की तस्वीरें भी साझा कीं।
नागौर के अलावा गहलोत ने इसी दिन बाड़मेर-जैसलमेर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी उम्मेदाराम, सीकर सीट पर समर्थित माकपा प्रत्याशी अमराराम और जयपुर शहर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप सिंह खाचरियावास के समर्थन में भी सार्वजनिक सभाएं कीं। इन तीनों ही क्षेत्रों में हुई सभाओं में गहलोत के साथ प्रत्याशी मंच पर मौजूद रहे।