
जयपुर। राजस्थान में बीते चौबीस घंटे में आए तेज अंधड और तूफान से 25 लोगों की जान चली गई है। अंधड के बाद बुधवार सुबह से ही प्रदेश का आपदा प्रबंधन सक्रिय हुआ और अंधड और तूफान से जानमाल के नुकसान का आंकलन शुरू किया गया। सुबह जहां अंधड और तूफान से मौत 9 लोगों की मौत का अनुमान लगाया जा रहा था, वहीं शाम होते होते मृतकों की संख्या 25 तक जा पहुंची।
आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव आशुतोष एटी पेडणेकर ने बताया कि मंगलवार की रात आए तेज अंधड से सुबह तक 9 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई। सभी जिला कलक्टरों को अपने अपने जिलों में मौत की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए। शाम तक मिली रिपोर्ट के अनुसार 25 लोगों की मौत आंधी और अंधड से होने की सूचना कलक्टरों से मिली। सभी मृतकों को मुआवजा देने के निर्देश दे दिए गए हैं।
सबसे ज्यादा 12 मौत जयपुर—झालावाड़ और उदयपुर में
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार सबसे ज्यादा मौत जयपुर, झालावाड और उदयपुर में हुई है। कलक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर में 4, उदयपुर में 4,झालावाड में 4 मौत हुई हैं। इसके अलावा बारां में 1, राजसमंद में 2,भीलवाडा में 1,अलवर में 1, बूंदी में 2, हनुमानगढ़, 1,जालोर में 2,पाली में 1, भरतपुर में 1 और प्रतापगढ में 1 व्यक्ति की मौत हो गई।
गहलोत ने किया चार-चार लाख की मदद का ऐलान
प्रदेश में आंधी-तूफान के दौरान मृत हुए लोगों के परिजनों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चार-चार लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग से प्राकृतिक आपदाओं में मदद करने की सरकार को छूट देने की मांग की है। वहीं आचार संहिता पर पुर्नविचार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में आंधी-तूफान बारिश व बिजली गिरने से काफी नुकसान हुआ है। देशभर में बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु होना दुखद है। साथ ही फïसलों के बर्बाद होने से किसान परेशानी में आ गए हैं। हम इसके लिए चिंतित है। नुकसान का आकलन करवाया जा रहा है।
हम चाहते हैं कि किसानों को जल्द मुआवजा मिल जाए। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा करते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह आचार संहिता के दायरें में आएगा या नहीं। सरकार जो भी मदद कर सकती है वो करेगी।