जयपुर

राजस्थान की 3 राज्यसभा सीटों पर चुनाव तारीखें घोषित, देखें कौन-कौन हो रहे ‘रिटायर’ और पूरा इलेक्शन शेड्यूल

राजस्थान में राज्यसभा की 3 सीटों पर चुनाव का बिगुल बजा, निर्वाचन आयोग ने जारी किया 18 जून का शेड्यूल। विधानसभा के नंबर गेम से तय होगा कौन जाएगा देश के सबसे बड़े सदन में।

4 min read
May 22, 2026
Rajasthan Rajya Sabha Election Dates

भारत निर्वाचन आयोग ने राजस्थान की 3 राज्यसभा सीटों समेत देश के 10 राज्यों की 24 सीटों पर होने वाले चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही जयपुर के शासन सचिवालय से लेकर विधानसभा और बड़े नेताओं के बंगलों तक दावेदारों के बीच हलचल शुरू हो गई है। राजस्थान से जिन तीन वर्तमान सांसदों का 6 साल का कार्यकाल आगामी 21 जून 2026 को समाप्त होने जा रहा है, उनमें कांग्रेस के कद्दावर दलित नेता नीरज डांगी, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र गहलोत और हाल ही में उपचुनाव के जरिए पहुंचे केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू शामिल हैं। इन तीनों सीटों को अपने पाले में करने के लिए राजस्थान विधानसभा के भीतर नए सिरे से अंकगणित और फ्लोर मैनेजमेंट की बिसात बिछनी शुरू हो गई है।

ये भी पढ़ें

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव की ‘नई डेट’ पर बड़ा अपडेट, हाईकोर्ट ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला

जानिए नामांकन से लेकर चुनावी नतीजों की पूरी टाइमलाइन

Rajya Sabha - File PIC

निर्वाचन आयोग की गाइडलाइंस के मुताबिक, इन तीन सीटों पर होने वाले मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल सर्विलांस के दायरे में होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय द्वारा जारी शेड्यूल बेहद सख्त रखा गया है ताकि किसी भी प्रकार की हॉर्स ट्रेडिंग या राजनीतिक विसंगतियों को रोका जा सके।

अधिसूचना और नामांकन: चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना 1 जून 2026 को जारी की जाएगी, जिसके साथ ही नामांकन पत्र (Nomination Papers) दाखिल करने का काम शुरू हो जाएगा। नामांकन करने की आखिरी तारीख 8 जून 2026 तय की गई है।

स्क्रूटनी और नाम वापसी: दाखिल किए गए पर्चों की जांच (Scrutiny) 9 जून को की जाएगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून 2026 निर्धारित है।

एक ही दिन में फैसला: 18 जून 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक विधायक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और उसी दिन शाम 5 बजे से मतों की गिनती शुरू होकर रात तक तीनों विजयी विजेताओं के नामों की घोषणा कर दी जाएगी।

विधानसभा का नंबर गेम: जानिए किस पार्टी का पलड़ा भारी?

राज्यसभा के चुनाव आम चुनावों की तरह जनता द्वारा नहीं बल्कि प्रदेश के विधायकों के आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation System) के जरिए सिंगल ट्रांसफ़रेबल वोटिंग से होते हैं। वर्तमान में राजस्थान विधानसभा में सीटों की स्थिति के अनुसार बीजेपी गठबंधन के पास स्पष्ट और मजबूत बहुमत मौजूद है।

विधानसभा संख्या बल एवं सीट अनुमान

पार्टी / गठबंधन (Political Front)विधानसभा में विधायकों की संख्यावर्तमान में खाली हो रही सीटें18 जून को संभावित जीत (Predictions)मुख्य रणनीतिक फोकस (Key Strategy)
भारतीय जनता पार्टी + सहयोगीस्पष्ट बहुमत (115 से अधिक विधायक)02 (राजेंद्र गहलोत, रवनीत सिंह)02 सीटें (पक्की जीत)केंद्रीय नेतृत्व के पसंदीदा चेहरों या मंत्रियों को राज्यसभा भेजकर दिल्ली में रसूख मजबूत करना।
कांग्रेस + इंडी गठबंधन (INDIA)विपक्ष का मजबूत संख्या बल01 (नीरज डांगी)01 सीट (कड़ी टक्कर/जीत)अपनी इकलौती सीट को सुरक्षित रखना और क्रॉस-वोटिंग से अपने विधायकों को बचाना।
निर्दलीय एवं अन्य छोटे दलकिंगमेकर की भूमिका में कुछ विधायक00अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर बड़े दलों के साथ रणनीतिक मोलतोल करना।

इन तीन दिग्गजों की खाली हो रही हैं कुर्सियां

Rajya Sabha Members - File PIC

इस चुनाव के जरिए राजस्थान से देश की सबसे बड़ी पंचायत में प्रतिनिधित्व करने वाले तीन अलग-अलग विचारधारा और पृष्ठभूमि के नेताओं की विदाई हो रही है, जिससे राज्य के भीतर नए क्षेत्रीय समीकरणों को साधने का मौका पार्टियों को मिलेगा।

नीरज डांगी (कांग्रेस): साल 2020 में राज्यसभा पहुंचे नीरज डांगी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेहद करीबी माने जाते थे और उन्होंने दलित समाज के प्रतिनिधित्व के तौर पर दिल्ली में मुखर आवाज उठाई थी।

राजेंद्र गहलोत (बीजेपी): मारवाड़ (जोधपुर) के कद्दावर नेता और संघ पृष्ठभूमि के राजेंद्र गहलोत ने संगठनात्मक स्तर पर बीजेपी को मजबूत करने में लंबा समय दिया है।

रवनीत सिंह बिट्टू (बीजेपी): पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते और केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को बीजेपी ने राजस्थान से उपचुनाव के जरिए राज्यसभा भेजा था, जिनकी मियाद भी अब नियमित चक्र के तहत पूरी हो रही है।

चुनाव आयोग ने जारी किए कड़े नियम

चुनाव आयोग (Photo-IANS)

राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के तरीके को लेकर अक्सर विवाद होते रहे हैं। इस बार भारत निर्वाचन आयोग ने बिल्कुल साफ कर दिया है कि विधायकों को वोट डालने के लिए किसी भी बाहरी पेन, पेंसिल या बॉलपेन का इस्तेमाल करने की सख्त मनाही होगी।

आयोग का कड़ा निर्देश:"मतपत्रों पर अपनी पहली, दूसरी और तीसरी पसंद अंकित करने के लिए केवल और केवल रिटर्निंग ऑफिसर (RO) द्वारा पोलिंग बूथ के भीतर उपलब्ध कराए गए विशेष बैंगनी रंग के स्केच पेन (Special Violet Sketch Pen) का ही उपयोग अनिवार्य होगा। किसी अन्य पेन की स्याही पाए जाने पर वोट को तुरंत अमान्य (Invalid) घोषित कर दिया जाएगा।"

क्या फिर देखने को मिलेगी रिसॉर्ट पॉलिटिक्स?

राजस्थान की राजनीति में राज्यसभा चुनाव हमेशा से ही बेहद रोमांचक और सस्पेंस से भरे रहे हैं। चाहे वह सुभाष चंद्रा का निर्दलीय नामांकन रहा हो या फिर अहमद पटेल के वक्त की बाड़ेबंदी। हालांकि इस बार बीजेपी के पास संख्या बल के लिहाज से दो सीटें पूरी तरह सुरक्षित हैं और कांग्रेस के पास अपनी एक सीट बचाने के लिए पर्याप्त नंबर हैं। लेकिन यदि किसी भी तीसरी या चौथी सीट के लिए किसी बड़े उद्योगपति या निर्दलीय उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल कर दिया, तो एक बार फिर विधायकों की 'बाड़ेबंदी' और 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' की वापसी हो सकती है, जो सोशल मीडिया और गूगल डिस्कवर पर सबसे ज्यादा ट्रेंड करने वाला विषय होगा।

ये भी पढ़ें

CM भजनलाल को मिला पेट्रोल-डीजल कीमतों में कटौती का फॉर्मूला! क्या कम होंगे दाम?  
Published on:
22 May 2026 01:53 pm
Also Read
View All