
जयपुर। राजधानी में 22 दिन से चल रही JCTSL कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सोमवार को नाटकीय घटनाक्रम सामने आया। जेसीटीएसएल प्रबंधन ने पहले तो सकारात्मक रुख दिखाते हुए कर्मचारियों को वार्ता का न्योता दे दिया। मगर जब वे वार्ता के लिए पहुंचे तो उन्हें अंदर घुसने से भी मना कर दिया। घंटेभर तक इंतजार के बाद कर्मचारी बैरंग लौट गए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि चेयरमैन ने खुद वार्ता के लिए बुलाया। मगर जब वे पहुंचे तो उनसे मुलाकात भी नहीं की।
लो-फ्लोर बसों के हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि जेसीटीएसएल चेयरमैन व महापौर अशोक लाहोटी से अनौपचारिक वार्ता के लिए सुबह उनके आवास पर गए थे। वहां उन्होंने हमारी बात सुनी और शाम को वार्ता के लिए बुलाया। कर्मचारियों का प्रतिनिधि चेयरमैन के बुलावे पर शाम 4 बजे निगम स्थित कार्यालय पहुंच गए। वहां गेट पर मौजूद गार्ड ने अंदर जाने से रोक दिया। जेसीटीएसएल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विपिन चौधरी ने बताया कि बार-बार कहने पर गार्ड पूछने अंदर भी गया। मगर वहां, मिटिंग में होने की बात कहकर अंदर प्रवेश से मना कर दिया।
- चेयरमैन ने ही वार्ता का निमत्रंण दिया था। मगर जब पहुंचे तो अंदर प्रवेश से भी मना कर दिया। हमारी मांगें सुनी भी नहीं गई। हमारी मांगें राज्य सरकार स्तर की नहीं, बल्कि जेसीटीएसएल स्तर की हैं। वे ही इसके आदेश निकाल सकते हैं।
विपिन चौधरी, अध्यक्ष, जेसीटीएसएल कर्मचारी संघ
- कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाया ही नहीं गया। आचार संहिता लग रही है, अब कर्मचारियों को हठधर्मिता छोड़ काम पर आ जाना चाहिए।
अशोक लाहोटी, चेयरमैन जेसीटीएसएल
हड़ताल खत्म, काम पर लौटे कर्मचारी
राजस्थान पंचायती राज सेवा परिषद के आह्वान पर सोमवार को 600 विकास अधिकारी, पंचायत प्रसार अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी हड़ताल खत्मकर काम पर लौट आए। इससे 25 दिन से बंद पंचायतों के ताले खुले और आमजन ने राहत की सांस ली। वहीं, हड़ताल पर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जनता को हड़ताल के दौरान हुई परेशानी के लिए माफी भी मांगी।