
Rajasthan Student Union Elections Ban : राजस्थान सरकार ने राजस्थान छात्रसंघ चुनाव पर शनिवार देर रात रोक लगा दी है। जिसके बाद राजस्थान के कई विश्व विश्वविद्यालय के छात्र नाराज हो गए। और अपना आक्रोश जताया। राजस्थान विश्वविद्यालय के आक्रोशित छात्र नेताओं ने सुबह 11.30 बजे विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जाना था। पर पुलिस ने विरोध प्रदर्शन से पूर्व छात्रों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने अभी तक छह छात्र नेताओं को अपने कब्जे में ले लिया है। साथ ही 10 वाहनों को जब्त कर लिया है। छात्र नेता राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर रहे थे। इस बीच पुलिस व छात्र नेताओं में झड़प भी हुई। वर्ष 2010 में कांग्रेस सरकार ने छात्र संघ के चुनावों को शुरू किया था। लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 13 साल बाद गहलोत सरकार ने छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दी है। राजस्थान में साल 2006 में कोर्ट ने छात्रसंघ चुनाव बैन कर दिया था। साल 2010 में एक बार फिर सीएम अशोक गहलोत की पहल पर छात्रसंघ चुनाव की शुरुआत हुई थी।
छात्र नेताओं ने सरकार को चेताया
उच्च शिक्षा विभाग की शनिवार देर रात हुई अहम बैठक में चुनाव को रोकने का फैसला लिया गया था। इस फैसले के बाद प्रदेशभर में विरोध शुरू हो गया। जयपुर में छात्र नेताओं ने सरकार को चेताते हुए कहा अगर सरकार ने जल्द ही अपने फैसले पर पुनर्विचार कर छात्रसंघ चुनाव की तारीख का ऐलान नहीं किया तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
गहलोत ने शुरू करवाया था चुनाव
छात्रसंघ चुनाव पर रोक पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा मैं यह जरूर कहना चाहूंगा कि जब चुनाव बंद हो गए थे, तब मैं ही वह मुख्यमंत्री हूं, जिसने फिर से चुनाव शुरू करवाए थे। हमसे बड़ा कमिटमेंट चुनाव को लेकर किसी और का नहीं हो सकता।
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इन विश्वविद्यालय में नहीं होंगे छात्रसंघ चुनाव
राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर, महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर, मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर, कोटा विश्वविद्यालय कोटा, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर, वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जोधपुर, पं. दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय सीकर, महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय भरतपुर, राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय अलवर, गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा, हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जन संचार विश्वविद्यालय जयपुर, डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय, जयपुर और एम.बी.एम. विश्वविद्यालय जोधपुर के साथ ही प्रदेश के 400 सरकारी और 500 से अधिक प्राइवेट कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव पर रोक लग गई है।
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