जी—20 कॉन्फ्रेंस की मेजबानी तय, तीन दिन तक तीन होटलों में आयोजन, दुनिया के 43 प्रतिनिधिमंडल होंगे शामिल
पंकज चतुर्वेदी
जयपुर. दुनिया की विकसित और तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों के समूह जी-20 की प्रेसिडेंसी भारत के पास आने के चंद दिनों में ही संगठन की महत्वपूर्ण बैठक के लिए राजस्थान की मेजबानी अब तय हो गई है। 5 से 7 दिसंबर तक जी—20 के शेरपा ट्रैक के प्रतिनिधि उदयपुर में जुटेंगे। शेरपा कॉन्फ्रेंस में विश्व के 20 देशों के 43 प्रतिनिधिमंडलों की अलग—अलग बैठकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, पर्यटन समेत पूरे विश्व को प्रभावित कर रहे 12 विषयों पर मंथन किया जाएगा। कॉन्फ्रेंस को लेकर विदेश मंत्रालय ने राज्य सरकार को जानकारी दे दी है। सरकार ने कॉन्फ्रेंस के संभावित स्थलों के तौर पर उदयपुर की तीन होटलों को चुन लिया है। आयोजन में करीब तीन सौ से अधिक प्रतिभागियों के उदयपुर आने का अनुमान है। तैयारियों के लिए राज्य में गठित गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार की अध्यक्षता वाली समिति ने पिछले दिनों बैठक की।
तीसरे दिन देखेंगे ऐतिहासिक राजस्थान
तीन दिन के आयोजन में दो दिन तक शेरपा ग्रुप की विभिन्न शाखाओं की बैठकें होंगी, जबकि तीसरे दिन प्रतिनिधिमंडलों का चित्तौड़गढ़, रणकपुर और कुंभलगढ़ का भ्रमण प्रस्तावित है। गौरतलब है कि भारत इसी साल 1 दिसंबर को जी-20 की प्रेसिडेंसी संभालेगा, जो 2023 में 30 नवंबर तक हमारे पास रहेगी।
संवरेगी झीलों की नगरी
सूत्रों ने बताया कि पिछले महीनों में विदेश मंत्रालय के दलों ने उदयपुर के दौरे में सफाई व्यवस्था पर चिंता जताई थी। इस पर समिति ने उदयपुर में सौंदर्यीकरण कार्य, सड़क मरम्मत और साफ सफाई वाले स्थल चयनित कर जल्द काम पूरा कराने के निर्देश स्वायत शासन को दिए हैं। इसमें सेवाश्रम, दुर्गा नर्सरी फ्लाई ओवर का कार्य, दूधतलाई क्षेत्र की साफ सफाई और पिछोला का सौंदर्यीकरण जैसे कई कार्य शामिल हैं। संभवत: सरकार अक्टूबर में ये कार्य पूरे करा लेगी।
क्या है शेरपा कांफ्रेंस
जी-20 की तीन कार्यशील शाखाओं में से एक महत्वपूर्ण शेरपा ट्रैक है। इस समूह में हर देश के प्रभारी प्रतिनिधि शामिल होते हैं। समूह भ्रष्टाचार निरोधक, कृषि, डिजिटल इकोनॉमी, रोजगार, पर्यावरण समेत अपनी 12 कार्यशील स्ट्रीम्स के जरिए काम करता है। साल भर तक इसकी बैठकें चलती रहती हैं और निर्णयों पर सदस्य देशों में आपसी सहमति बनाने की जिम्मेदारी इसी समूह पर होती है। जी-20 में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, अमरीका और यूरोपियन यूनियन शामिल हैं।