जयपुर

राजस्थान के बेरोज़गारों का उत्तर प्रदेश में ‘पड़ाव’ जारी, अब आ गई ये खबर

राजस्थान के बेरोज़गारों का उत्तर प्रदेश में आंदोलन जारी, लखनऊ स्थित कांग्रेस दफ्तर के बाहर डाला हुआ है 'पड़ाव, ना मांगे मानी जा रहीं, ना मिल रहा आश्वासन, नेताओं की बयानबाज़ी से गर्माया सियासी पारा, आचार्य प्रमोद के बाद अब भाजपा सांसद राज्यवर्धन राठौड़ का बयान, राठौड़ बोले, 'कांग्रेस में ‘इसकी टोपी उसके सर’ की परम्परा'  

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Dec 02, 2021

जयपुर।

राजस्थान के बेरोज़गारों का उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर 'पड़ाव' जारी है। युवाओं का एक समूह अपनी मांगों को मनवाने के लिए यहां बेमियादी धरने और अनशन पर बैठा हुआ है। हालाँकि ना तो अब तक इनकी मांगों को माना गया है और ना ही किसी तरह का उचित आश्वासन ही दिया गया है। इस बीच सियासी बयानबाज़ी का सिलसिला तेज़ हो गया है।

इसी क्रम में अब पूर्व केंद्रीय मंत्री और जयपुर ग्रामीण सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने गहलोत सरकार पर निशाना साधा है। राठौड़ ने कहा है कि राजस्थान के बेरोज़गारों के सिलसिले में तो अब कांग्रेस नेता ही सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने जिस तरह से राजस्थान के युवाओं से झूठे वादे किये, ठीक उसी तरह के वादे अब कांग्रेस उत्तर प्रदेश के युवाओं से भी कर रही है।

वहीं कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद के बयान का ज़िक्र करते हुए राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस में ‘इसकी टोपी उसके सर’ की परंपरा है। ये पार्टी येन केन प्रकारेण, बस अपनी कुर्सी बचाने की जुगत में दिखती है।

'मुसीबत नहीं, देश का भविष्य हैं युवा'
राठौड़ ने आचार्य प्रमोद द्वारा बेरोज़गार युवाओं को 'मुसीबत' कहे जाने पर भी ऐतराज़ जताया। जयपुर ग्रामीण सांसद ने कहा कि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे युवा ‘मुसीबत’ नहीं, बल्कि देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान का युवा ही नहीं, कांग्रेस के नेता भी अब कहने लगे हैं कि राजस्थान कांग्रेस सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है।

ये कहा था आचार्य प्रमोद ने
कांग्रेस नेता आचार्य ने बुधवार को राजस्था के बेरोज़गारों के लखनऊ कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरना दे रहे राजस्थान के बेरोज़गारों को लेकर अपनी ट्वीट प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को यूपी कांग्रेस के बाहर धरना दे रहे राजस्थान के बेरोज़गार प्रदर्शनकारियों से तत्काल वार्ता करके कोई समाधान निकालना चाहिए। अपनी मुसीबत को प्रियंका गांधी के गले में डाल देना कदापि उचित नहीं है।

Published on:
02 Dec 2021 01:42 pm
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