Rajasthan University Students Union Election 2019: विश्वविद्यालयों का चुनावी समीकरण, पिछले तीन वर्षों से बागी मार रहे हैं बाजी
जयपुर। प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। विश्वविद्यालओं और संघटक कॉलेजे में राजनीति के अलग-अलग रंग दिख रहे हैं। वहीं आरयू छात्रसंघ चुनाव ( Student Union Election 2019 ) में एबीवीपी और एनएसयूआई दोनों छात्र संगठनों ने बचे हुए पदों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है लेकिन, बगावत के सुर भी सामने आ रहे हैं। दोनों संगठनों के लिए बगावत चिंता का विषय बनकर खड़ी है। दरअसल, पिछले तीन वर्षों से विवि ( Rajasthan University ) में बागी होकर लड़ने वाले प्रत्याशियों ने ही चुनाव जीता है।
एबीवीपी ने जहां महासचिव पद पर अरूण शर्मा और संयुक्त सचिव पद पर किरण मीणा को टिकट दिया है। वहीं एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष पद पर प्रियंका मीणा, महासचिव पद पर महावीर गुर्जर और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्मी प्रताप खंगारोत को उम्मीदवार घोषित किया है। इसके साथ ही दोनों संगठनों से बगावत के सुर भी उठने लगे हैं। एनएसयूआई से मुकेश चौधरी और एबीवीपी से नितिन शर्मा ने विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के सामने खड़े होकर निर्दलय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। यह बगावत दोनों संगठनों के लिए चिंता खड़ी कर रही है।
एनएसयूआई में बगावत, प्रत्याशी पर फर्जी डिग्री लेने के आरोप
अध्यक्ष के लिए दावेदारी कर रहे एनएसयूआई के मुकेश चौधरी ने आरोप लगाया है कि संगठन ने इस पद पर ऐसे प्रत्याशी को टिकट दिया है जो बाहरवीं पास है। एनएसयूआई के अध्यक्ष प्रत्याशी ने 2010 में राजस्थान विवि में एडमिशन लिया। 2016 तक विवि में रहा। यूनिवर्सिट से 2019 में माइग्रेशन काटा गया। इस बीच वह एक विवि से फर्जी डिग्री ले आया। उसके आधार पर नए सिरे से राजस्थान विवि में एडिमिशन दे दिया गया।