
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर प्रदर्शन तेज हो गया है। गुरुवार को टोंक फाटक पुलिया के पास पानी की टंकी पर सुबह से तीन छात्र नेता प्रदर्शन कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी के एनएसयूआई प्रभारी विजयपाल कुड़ी, उपाध्यक्ष कोशेन खान और मेंबर वियोना जाट टंकी पर चढ़ गए। उपाध्यक्ष कोशेन खान ने राजस्थान पत्रिका से बातचीत में कहा कि पिछले काफी समय से छात्र अपनी मांगे उठा रहे हैं, लेकिन सरकार ध्यान ही नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें सरकार से पुख्ता जवाब नहीं मिलेगा, वे सभी पीछे नहीं हटेंगे।
कोशेन ने बताया कि इससे पहले उन्होंने शांतिपूर्वक तरीके से कई बार आवाज उठाई, नुक्कड़ नाटक किए, लेकिन कुछ परिणाम नहीं निकला। वहीं राजस्थान यूनिवर्सिटी में पिछले 16 दिन से आंदोलन चल रहा है। छात्र नेता शुभम रेवाड़ पिछले 8 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उसके बावजूद अब तक सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इसलिए अब मजबूरन उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब वह भगत सिंह के तरीके से सरकार को चेतावनी दे रहे हैं। जब तक सरकार उनकी बात नहीं मानेगी तब तक वे टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे।
उन्होंने बताया कि उनके पास खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं है, सिर्फ पानी है। जब तक पानी रहेगा, उसके सहारे आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पानी खत्म होने के बाद भी वह टंकी से नीचे नहीं उतरने वाले हैं। वे आंदोलन को जारी रखेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यहां पुलिस हमें समझाने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम इनकी बातों में नहीं आने वाले।
कोशेन का कहना है कि उनकी दो मांगें हैं। पहली मांग है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और बिहार में छात्रों पर गोली चलाने की घटनाओं को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। इसके अलावा दूसरी मांग राजस्थान के विश्वविद्यालयों में पिछले चार साल से बंद छात्रसंघ चुनावों को दोबारा शुरू करने की है। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव उनका हक है और वह अपना हक लेके रहेंगे।