जयपुर

राजस्थान में बनी है दुनिया की सबसे बड़ी कुरान, गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में हो सकती है शामिल

World Largest Quran : दुनिया की सबसे बड़ी कुरान जयपुर के रवींद्र मंच की हीरक जयंती के अवसर पर आयोजित किए गए चार दिवसीय रंग उत्सव में प्रदर्शित की जा रही है। पत्रिका डॉट कॉम से खास बातचीत में इस कुरान को तैयार करने वाले मौलाना जमील ने हमें इसके बनने की शुरुआत से आखिर तक के सफर के बारे में बताया।

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Mar 14, 2024

Duniya Ki Sabse Badi Quran : दुनिया की सबसे बड़ी कुरान जयपुर के रवींद्र मंच की हीरक जयंती के अवसर पर आयोजित किए गए चार दिवसीय रंग उत्सव में प्रदर्शित की जा रही है। इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोगों की भीड़ उमड़ रही है। कुरान की खासियत यह है कि इसे जर्मनी की स्याही का इस्तेमाल कर दो सालों की कड़ी मेहनत से तैयार किया गया है। टोंक निवासी मौलाना जमील और उनके पूरे परिवार ने इसे तैयार किया है, जबकि चित्तौड़गढ़ के हाजी मोहम्मद शेर खां के सहयोग से इस नेक काम को पूरा किया जा सका। जमील बताते हैं कि हमने सोचा कि वतन की मोहब्बत में ऐसा काम किया जाए, जिससे वतन का नाम पूरी दुनिया में रोशन हो। यह कुरान 10 फुट 5 इंच लंबा है और 7 फुट 6 इंच चौड़ा है। जिसे अब गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी शामिल करने पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। पत्रिका डॉट कॉम से खास बातचीत में इस कुरान को तैयार करने वाले मौलाना जमील ने हमें इसके बनने की शुरुआत से आखिर तक के सफर के बारे में बताया, कि कैसे दुनिया की सबसे बड़ी कुरान बनाने का खयाल दिमाग में आया, फिर इस पाक काम को अंजाम दिया गया। सुप्रिया रानी ने मौलाना जमील से जो बात की, उसका एक अंश....

सवाल-
इस कुरान को तैयार करने में किसका-किसका सहयोग रहा?


उत्तर-
मेरे छोटे भाई ने कुरान को अपने हाथ से लिखा है। इसकी खासियत है कि 18 शीट जोड़कर एक पन्ना बना है। इसमें 32 पन्ने हैं। हर पेज का डिजाइन अलग-अलग है। इसे बनाने में हैंडमेड पेज का इस्तेमाल किया गया है। हर पेज में 41 लाइनें दी गई हैं। हर लाइन की शुरुआत अलीफ से हो रही हैहै। इसे रोटरिंग इंक जो जर्मनी से मंगाई जाती है, उससे लिखा गया है।

सवाल-
जर्मनी का स्याही का ही उपयोग क्यों किया गया?

उत्तर-
इस कुरान को तैयार करने में जब हमने अपने विशेषज्ञों से मशविरा किया तो सबसे अच्छी स्याही रोटरिंग इंक को चुना गया। लोगों की राय थी कि वहां की स्याही ज्यादा अच्छी होती है। अन्य के मुकाबले इस स्याही की उम्र ज्यादा होती है। इसी वजह से हमने रोटरिंग इंक का ही इस्तेमाल किया।

सवाल-
दुनिया की सबसे बड़ी कुरान बनानी है, यह ख्याल कैसे आया?

उत्तर-
सुना था कि अफगानिस्तान में दुनिया की सबसे बड़ी कुरान है, जो 7 फीट का है। ऐसे में मुझे और चित्तौड़गढ़ के हाजी मोहम्मद शेरखां साहब ने सोचा कि अपने वतन की मोहब्बत में कुछ ऐसा काम किया जाए, जिसकी मिसाल दुनिया में दूसरी न हो। हमने सोचा कि जब अफगानिस्तान में 7 फीट का कुरान हो सकता है, तो हमारा हिन्दुस्तान क्यों पीछे रहे। इसके बाद इस काम को अंजाम दिया गया। जल्द ही इसे गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल करने पर सोच-विचार किया जा रहा है।

सवाल-
हर काम की शुरूआत में थोड़ी मुश्किलें भी आती हैं, यह काम भी आसान ना था, इसके तैयार होने के सफर के बारे में बताइए?


उत्तर-
मालिक ने दिल में डाला कि अपने वतन के लिए ये नेक काम करना है, अफगानिस्तान में हुआ तो अब हिन्हुस्तान में हम भी करें। जब इस नेक काम में आपके साथ पूरा परिवार हो तो मुश्किलें नहीं आती। मेरे साथ पूरा परिवार और चित्तौड़गढ़ के हाजी मोहम्मद शेरखां साहब का साथ रहा। मेरे छोटे भाई ने इसे हाथ से लिखा है, मेरे बच्चों-बच्चियों ने भी सहयोग किया। हमारे परिवार के सभी सदस्यों ने इस नेक काम को अंजाम दिया।

Published on:
14 Mar 2024 06:56 pm
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