Ramdevra Mela 2019: सामाजिक समरसता के प्रतीक लोकदेवता बाबा रामदेव का 635वां अंतरप्रांतीय मेला एक सितंबर रविवार को सुबह ब्रह्ममुहूर्त में समाधि पर पंचामृत से अभिषेक, पूजा-अर्चना और ध्वजारोहण के साथ शुरू होगा।
जयपुर। Ramdevra Mela 2019: सामाजिक समरसता के प्रतीक लोकदेवता बाबा रामदेव का 635वां अंतरप्रांतीय मेला एक सितंबर रविवार को सुबह ब्रह्ममुहूर्त में समाधि पर पंचामृत से अभिषेक, पूजा-अर्चना और ध्वजारोहण के साथ शुरू होगा। रविवार सुबह जिला कलक्टर नमित मेहता, पुलिस अधीक्षक डॉ. किरण कंग और बाबा रामदेव वंशज राव भोमसिंह तंवर की ओर से समाधि पर पूर्ण विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाएगी।
मेलाधिकारी विकास राजपुरोहित ने बताया कि सुबह चार बजे होने वाली प्रथम मंगला आरती में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी पूजा-अर्चना कर मेले की सफलता व श्रद्धालुओं की सलामति, मेले के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था सुचारु रूप से बनी रहे, किसी भी तरह की अप्रिय वारदात न हो, इसके लिए बाबा से प्रार्थना करेंगे। इस मौके पर समाधि पर पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा व मखमली चादर एवं स्वर्ण मुकुट चढ़ाकर मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया जाएगा। मंदिर के पुजारी विशेष पूजा-अर्चना कर समाधि पर सूखा मेवा, बादाम, काजू, अखरोट, किशमिश, मिश्री, सूखे नारियल का भोग लगाएंगे।
बाबा रामदेव के मेले में ( Baba Ramdev Mela 2019 ) गत एक पखवाड़े से दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ रही है। मेला प्रशासन की ओर से मेलार्थियों की सुविधा एवं सुरक्षा को देखते हुए व्यवस्थाएं भी की गई है। यहां पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता लगाया गया है। श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए अतिरिक्त बसों व विशेष रेलों की भी व्यवस्था की गई है। इस बार बाबा रामदेव के मेले के दौरान लम्बी कतारों के बीच जल्दी दर्शन करने के लिए चलने वाले मेलाधिकारी के पास को बंद कर दिया गया है।
अब यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को कतार में लगकर बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन करने होंगे। वर्षों से व्यवस्था चली आ रही है कि मेलाधिकारी एक पास जारी करते है, जिससे लम्बी कतारों के बीच श्रद्धालु को ‘वीआइपी’ मानकर छोटी लाइन में लगाकर जल्दी दर्शन करवाए जाते है। इस बार जिला कलक्टर के निर्देश पर वीआइपी पास बंद कर दिए गए है। ऐसे में मेलाधिकारी, अतिरिक्त मेलाधिकारी, पुलिस किसी को पास जारी नहीं कर सकते है। यहां आने वाले श्रद्धालु को कतार में लगकर ही दर्शन करने होंगे।