जयपुर

रामगढ़ बांध को लेकर सरकार हुई सख्त, अतिक्रमणों पर गरज रहा जेडीए का बुल्डोजर

रामगढ़ बांध को लेकर सरकार हुई सख्त, अतिक्रमणों पर गरज रहा जेडीए का बुल्डोजर
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Updated: 22 Aug 2019, 8:51 PM IST
Ramgarh dam
Ramgarh dam

जयपुर। मानसूनी सीजन के दौरान बारिश का पानी जयपुर की लाइफ लाइन रहे रामगढ़ बांध ( Ramgarh dam in Jaipur ) में नहीं पहुंच पाया है। वजह रही कि शाहपुरा और विराट नगर इलाके में कम बारिश का होना और बांध तक पानी पहुंचने में अतिक्रमण रोड़ा बनकर खड़े रहे। अब अवैध रूप से बने अतिक्रमणों पर जेडीए की कार्वाई तेज हो गई है। इसके चलते रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है।


गुरुवार को जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने बहाव क्षेत्र में आ रहे दर्जनभर से अधिक अतिक्रमणों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान होटल से लेकर कमरे और बाउंड्रीवाल तक पर जेडीए का बुल्डोजर गरज पड़ा।जेडीए पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन ने बताया कि रामगढ़ बांध क्षेत्र के तीन-चार गांवों में कार्रवाई की गई है। गांव सैणा बाबाजी की ढाणी मेंं सात कमरों को ध्वस्त किया गया है। यह कमरे छोटू राम राठौड़ के थे। गांव पोखरवाला में दो मकानों की बाउण्ड्रीवाल और तीन स्थानों पर टीनशेड को हटाया गया है। ये निर्माण रामस्वरूप शर्मा और रामगोपाल शर्मा ने करा रखे थे।

जोन-13 के प्रवर्तन अधिकारी राजीव यदुवंशी ने बताया कि बिलोची गांव में रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र में बने हनुमान ढाबा को भी ध्वस्त कर दिया गया है। इस पर ढाबे पर बाबूलाल जाट का कब्जा था। इसके अलावा काली घाटी में 200 फीट लम्बी दीवार को भी जेडीए दस्ते ने ध्वस्त किया है।

दरअसल, सबसे पहले पत्रिका ने रामगढ़ बांध को लेकर मुद्दा उठाया था। बांध तक पानी पहुंचने में बाधा बन रहे अतिक्रमणों के खिलाफ राजस्थान पत्रिका ने अभियान चलाकर बार-बार सरकार को चेताया है। पत्रिकी की खबरों के बाद हरकत में आई सरकार ने बांध को फिर से जीवित करने के लिए कदम उठाए हैं।

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