
झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के बाद कांग्रेस की चुप्पी को लेकर राजस्थान की डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस पर मुद्दों का राजनीतिकरण करने और अपनी सुविधा के हिसाब से आवाज उठाने का आरोप लगाया। दिया कुमारी ने राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान हुए पेपरलीक मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी पार्टी ने चुप्पी साधे रखी थी। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए संसद में उनकी मौजूदगी और विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाए।
दिया कुमारी ने कहा कि दिल्ली में जब प्रदर्शन हुआ तो कांग्रेस ने जोर-शोर से अपनी बात रखी, लेकिन झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन और लाठीचार्ज के बाद पार्टी की ओर से कोई बयान नहीं आया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की चुप्पी वाला यही रवैया राजस्थान में भी देखने को मिला था। दिया कुमारी ने दावा किया कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान लगातार 19-20 पेपरलीक हुए थे। उस समय भी भाजपा के लोग बार-बार सड़क पर उतरे और अपनी आवाज उठाई, लेकिन कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने कहा कि अब झारखंड में कांग्रेस की सरकार है, इसलिए पार्टी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।
इसके बाद दिया कुमारी ने विपक्ष के रवैये को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद को चलने नहीं देना चाहता। उनके मुताबिक, विपक्ष का फोकस मुद्दों पर चर्चा और डिबेट करने के बजाय सिर्फ आरोप लगाने पर है। उन्होंने कहा कि अमित शाह बार-बार कह रहे हैं कि मैं इस मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार हूं लेकिन किया विपक्ष सुनने को ही तैयार है?
दिया कुमारी ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार संसद से गायब हो जाते हैं और सदन में मौजूद नहीं रहते। उन्होंने कहा कि सबसे पहले उन्हें संसद में उपस्थित रहना चाहिए। दिया कुमारी ने कहा कि उनकी पार्टी के नेता किसी भी मुद्दे पर बोलने से पीछे नहीं हटते, लेकिन सामने वाला पक्ष चर्चा के लिए तैयार होना चाहिए।
झारखंड में सोमवार को JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्र विधानसभा का घेराव करने पहुंचे थे।
हजारों छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से मार्च करते हुए विधानसभा की ओर बढ़े। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेड्स लगाए थे। छात्रों ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की तो मौके पर तनाव बढ़ गया। छात्रों को मौके से हटाने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल के साथ-साथ लाठी चार्ज भी किया था।