
मोहित शर्मा, जयपुर।
प्रदेश में 'रावण' पर 'राम' आज भी भारी है। राम नाम के आगे रावण संख्या में कहीं नहीं टिकते। जी हां, हम बात कर रहे हैं राज्य की मतदाता सूचियों की। वोटर लिस्ट में रामायण के पात्रों के नाम वाले मतदाता भी बड़ी संख्या में हैं। वैसे तो देशभर के विभिन्न राज्यों में इन पात्रों के नाम वाले मतदाता हैं, लेकिन राजस्थान में रावण और राम ही नहीं बल्कि मंदोदरी, विभीषण व कुंभकरण जैसे नाम भी नजर आ रहे हैं।
निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियां अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर रखी हैं। कोई भी व्यक्ति इस पर अपना नाम देख सकता है। जब रामयाणकालीन पात्रों के नाम ढूंढने के लिए राजस्थान की मतदाता सूची सम्भाली गई तो कई नाम नजर आए। रोचक बात है कि देशभर में भी इन पात्रों के नामों की भरमार है।
मर्यादा पुरुषोत्तम राम को आदर्श मानने वाले देश में 24 हजार 873 मतदाताओं के नाम रावण और 6 हजार 831 के मंदोदरी हैं। सूपर्णखा नाम की मतदाता जरूर मात्र दो हैं। इनमें एक बिहार के पूर्णिया और दूसरी महाराष्ट्र के कोल्हापुर में। मंथरा नाम की भी देश में 1233 और कैकेई नाम की 644 मतदाता हैं।
ये सामने आए रोचक आंकड़े
राजस्थान के मतदाताओं में 110 लोगों के नाम रावण पर हैं। राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश की 47 महिला मतदाताओं के नाम मंदोदरी हैं। प्रदेश के मतदाताओं में 4 कुंभकरण, 68 विभीषण और 223 मेघनाथ के नाम भी हैं। हनुमान 64 हजार 637 हैं तो 1 लाख 90 हजार 77 महिला मतदाताओं के नाम सीता हैं। राजस्थान में राम नाम के सर्वाधिक 12 लाख 81 हजार 679 और लक्ष्मण नाम के 44 हजार 194 मतदाता हैं।
नम्बर गेम
देश में 24837 रावण, 6831 मंदोदरी
राजस्थान में 110 रावण, 1,90,077 सीता
4 कुंभकरण तो 44,194 लक्ष्मण
68 विभीषण, हनुमान नाम के 64637 वोटर
47 मंदोदरी और 223 मेघनाथ भी शामिल
सबसे ज्यादा 12, 81, 679 मतदाता राम नाम के