जयपुर

राहत बनी आफत… गुपचुप बदले के-नंबर, बिल भुगतान व्यवस्था लड़खड़ाई

लाखों उपभोक्ता परेशान, ऑनलाइन खाता व ऐप में नया नंबर नहीं हुआ अपडेट अब बिजली कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर
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Nov 16, 2023
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राजधानी में 10 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए शहर को उत्तर और दक्षिण सर्कल में बांटा गया, लेकिन यह बंटवारा परेशानी का सबक बन गया है। डिस्कॉम प्रबंधन ने गुपचुप दोनों सर्कलों में उपभोक्ताओं के खातों के Òके-नंबरÓ बदल दिए। ऑनलाइन बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई और पोर्टल व ऐप पर के-नंबर अपडेट नहीं किया गया। इस कारण हजारों उपभोक्ता बिजली बिलों को ऑनलाइन जमा नहीं करा पा रहे हैं। हाल यह है कि बिजली कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हो गए है।

आपका के-नंबर गलत है, सही नंबर करें दर्ज

ऑनलाइन बिजली बिल जमा कराने वाले कई उपभोक्ताओं ने अपनी परेशानी पत्रिका को बताई। उपभोक्ताओं ने बताया कि बिजली बिल जमा कराने की अंतिम तारीख 16 नवंबर है। ऑनलाइन बिल जमा कराने वाले उपभोक्ताओं ने बिजली बिल को ऑनलाइन या ऐप के माध्यम से भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन बार-बार एक ही संदेश दिखाया जा रहा कि आपका के-नंबर गलत है, सही नंबर दर्ज करें।

दोनों एसई ने साधी चुप्पी
बिजली उपभोक्ताओं के सर्कल के हिसाब से के नंबर बदलने और ऑनलाइन अपडेट नहीं होने पर उत्तर सर्कल के एसई एसके राजपूत और दक्षिण सर्कल के एसई वीके गक्खड से जानकारी चाही, लेकिन दोनों ने ही कोई जवाब नहीं दिया।

दोनों सर्कल में बिजली उपभोक्ताओं का गणित
दक्षिण सर्कल-5.69 लाख

तीन डिवीजन-2- रेजीडेंसी, गांधी नगर, दुर्गापुरा और निर्माण नगर, डिवीजन-4 आदर्श नगर, मालवीय नगर और पुराना घाट, डिवीजन-6 सीतापुरा, मानसरोवर, सांगानेर, प्रताप नगर और जगतपुरा
उत्तर सर्कल-4.84 लाख

चार डिवीजन-डिवीजन-1 एनपीएच, भांकरोटा, शास्त्री नगर, वैशाली नगर और बिंदायका
डिवीजन-3 इंदिरा बाजार, संजय बाजार, एमआई रोड, खासाकोठी डिवीजन-5 जनता मार्केट, रामगंज, नाहरी का नाका, आमेर और ब्रह्मपुरी

डिवीजन-7 वीकेआई, विद्याधर नगर, मुरलीपुरा और झोटवाड़ा

Published on:
16 Nov 2023 12:53 am