जयपुर

फर्जी वाहन से जंगल में सफारी

झालाना व आमागढ़ लेपर्ड सफारी में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। अफसर इससे अनजान बने हुए हैं। मामला ये है कि जंगल सफारी में संचालित होने वाला पंजीकृत वाहन आरजे 14 टीई 6615 करीब एक माह से खराब है। ठीक कराने के लिए उसे वर्कशॉप ले जाया गया है। कई दिनों से वह वर्कशॉप में ही खड़ा है। इसके बावजूद भी इस वाहन की आमागढ़ व झालाना लेपर्ड रिजर्व में सफारी की बुकिंग हो रही है। उसे रोजाना रोस्टर दिया जा रहा है।
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Oct 30, 2022
2 Leopard cubs spotted
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झालाना व आमागढ़ लेपर्ड सफारी में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। अफसर इससे अनजान बने हुए हैं। मामला ये है कि जंगल सफारी में संचालित होने वाला पंजीकृत वाहन आरजे 14 टीई 6615 करीब एक माह से खराब है। ठीक कराने के लिए उसे वर्कशॉप ले जाया गया है। कई दिनों से वह वर्कशॉप में ही खड़ा है। इसके बावजूद भी इस वाहन की आमागढ़ व झालाना लेपर्ड रिजर्व में सफारी की बुकिंग हो रही है। उसे रोजाना रोस्टर दिया जा रहा है।

जंगल सफारी में संचालित होने वाला पंजीकृत वाहन न होने से अन्य वाहन में बैठाकर सैलानियों को सफारी करवाई जा रही है। आश्चर्य है कि यह रोस्टर वनकर्मी ही देते हैं। पता चला कि, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। लगातार ऐसा हो रहा है। लापरवाही उजागर होने से बावजूद भी वाहन मालिक के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा पंजीकृत वाहनों को अपंजीकृत वाहन चालक भी दौड़ाते नजर आते हैं।

सैलानियों की नहीं होती आइडी जांच

सफारी के वाहनों की जांच भी खानापूर्ति तरीके से होती है। वाहनों में सैलानियों की आइडी की जांच नहीं होती है। ऐसे में टिकट एजेंट दूसरे सैलानियों के नाम से टिकट बुकिंग कराकर अन्य लोगों को टिकट बुक करवा देते हैं। गत दिनों वन अधिकारियों ने औचक निरीक्षण कर ऐसी लापरवाही पकड़ी थी।

पर्यटन प्रभारी से जवाब मांगा है

लापरवाही का मामला सामने आया है। पर्यटन प्रभारी से इस संबंध में जवाब मांगा है। ठोस कार्रवाई करेंगे। वाहन मालिक, चालकों को भी पाबंद कर दिया गया है। दोबारा इस तरह की लापरवाही नहीं होगी।

-जनेश्वर चौधरी, क्षेत्रीय वन अधिकारी, जयपुर प्रादेशिक

Published on:
30 Oct 2022 11:23 pm