
जयपुर। Saras Ghee Price Hike आरसीडीएफ ( RCDF ) ने एक बार फिर से सरस घी के दाम बढ़ा दिए हैं। आरसीडीएफ ( Rajasthan Cooperative Dairy Federation ) ने सभी तरह के कंज्यूमर पैक्स में 15 रुपए प्रति लीटर और बल्क पैक्स में 20 रुपए प्रति लीटर की दर से बढ़ोतरी की है। नई दरें आज से लागू हो जाएंगी। फैडरेशन के उप प्रबन्धक विनोद गेरा ने बताया कि सरस साधारण घी ( Saras Ghee ) का एक लीटर मोनोकर्टन पैक 465 रुपए के स्थान पर अब 480 रुपए में मिलेगा। आधा लीटर मोनोकर्टन पैक 234 रुपए के स्थान पर अब 241.50 रुपए में मिलेगा। 5 लीटर टिन पैक के दाम 2325 रुपए की जगह 2400 रुपए होंगे। सरस साधारण घी का 15 किलो टिन पैक 7200 रुपए के स्थान पर अब 7500 रुपए मेें मिलेगा। इसी प्रकार सरस गाय के घी के कंज्यूमर पैक्स में 15 रुपए प्रति लीटर और बल्क पैक्स में 20 रुपए प्रति लीटर की दर से बढ़ोतरी की गई है। गाय के घी का एक लीटर मोनोकर्टन पैक 510 रुपए के स्थान पर अब 525 रुपए मिलेगा। 20 दिसंबर को भी घी के दामों में 10 से 20 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।
देसी घी की ब्रांडिंग करेगा भारत, जैतून तेल को टक्कर देने की योजना
जैतून का तेल दुनिया में सबसे अच्छा व स्वास्थ्यवर्धक तेल माना जाता है, लेकिन भारत अब देसी घी को दुनिया के बाजारों में उतार कर जैतून के तेल को टक्कर देने की योजना बना रहा है। केंद्रीय पशुपालन व डेयरी मंत्रालय में सचिव अतुल चतुर्वेदी का कहना है कि योग की तरह देसी घी की ब्रैंडिंग करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देसी घी दुनिया का एकमात्र कुकिंग मीडियम है, जिसका एक से अधिक बार उपयोग करने से नुकसान नहीं है, लिहाजा यह जैतून के तेल की तुलना में बेहतर साबित हो सकता है।
इस सिलसिले में केंद्र सरकार ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) के वैज्ञानिकों को जैतून तेल के मुकाबले देसी घी में पाए जाने वाले पौष्टिक व गुणकारी तत्वों की तुलना रिपोर्ट सौंपने को कहा है। चतुर्वेदी ने कहा कि देसी घी जैतून के तेल से बेहतर है, जिसकी बै्रंडिंग करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, कि विशेषज्ञों द्वारा देसी घी को खाने के अन्य तेलों के मुकाबले बेहतर बताए जाने पर इसकी ब्रैंडिंग की जाएगी।
आयुर्वेद ने घी को सर्वश्रेष्ठ माना
चतुर्वेदी ने कहा, ‘जिस तरह यूरोपीय देशों ने जैतून की ब्रैंडिंग सबसे अच्छा खाद्य तेल के रूप में किया है, उसी तरह देसी घी की ब्रैंडिंग करके दुनिया को यह बताया जा सकता है कि जैतून के तेल से भी घी बेहतर है।’ आयुर्वेद ने भी घी को सर्वश्रेष्ठ माना है जो पित्त व वात दोष में गुणकारी है।