प्रशासन शहरों के संग अभियान में सेवा के नाम पर शुल्क लेगी सरकार
जयपुर। उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने प्रशासन शहरों के संग अभियान में तकनीकी सहायता के नाम पर नगर मित्रों के जरिए जनता से 1.50 लाख रुपए तक सेवा शुल्क वसूलने की प्लानिंग का विरोध किया है। उन्होंने बयान जारी किया है कि राजस्थान में पहली बार गैर सरकारी किसी व्यक्ति को नगर मित्र के नाम पर अनाधिकृत कॉलोनियों के ले आउट प्लान को तैयार करने के नाम पर संरक्षण देकर फीस का निर्धारण किया गया। यह जनता की जेब पर डाका डालने वाला और वित्तीय नियमों का खुला उल्लंघन है। यह निर्णय एजेन्ट संस्कृति को बढ़ावा देने, भ्रष्टाचार को संरक्षण प्रदान करने और उसके नियमितीकरण के समान है। सरकार अपने भ्रष्टाचार के जीरो टॉलरेंस के सिद्धांत पर कालिख पोत रही है।
राठौड़ ने कहा है कि सरकार 5 हजार करोड़ रुपए राजस्व जुटाने के नाम पर अभियान के जरिए 10 लाख पट्टों की रेवड़ी बांटना चाह रही है। उन बस्तियों व कॉलोनियों में पट्टे बांटने का लक्ष्य है जो अनाधिकृत रूप से भू-माफियाओं ने अधिकारियों के संरक्षण में कांग्रेस राज में अलग अलग समय पर गैर कानूनी रूप से बसाई गई।
प्रदेश में कृषि भूमि, कच्ची बस्ती, मंदिर माफी और अन्य सरकारी जमीनों पर पर बसी अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमितीकरण के नाम पर अधिकृत दलाल, एजेन्ट को नियुक्ति देकर बिचोलिया संस्कृति को मजबूत बनाने और असंतुष्ट कांग्रेस कार्यकर्ताओं को साधने का असफल प्रयास किया जा रहा है।