Shahadat Ko Salam: राजस्थान पत्रिका की ओर से शहादत को सलाम अभियान के तहत सुराणा स्थित शहीद राजेश कुमार जाट स्मारक पर वीरांगना हंसा देवी व परिजन का माल्यार्पण व शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।
Martyr CRPF commando Rajesh Kumar Jat: मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले जयपुर जिले के शाहपुरा तहसील के सुराणा निवासी शहीद सीआरपीएफ कमांडो राजेश कुमार जाट की शहादत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में नक्सलियों का सफाया करने के लिए ऑपरेशन चलाया गया था। आठ दिन तक मुठभेड़ चली। इस दौरान सीआरपीएफ कमांडो राजेश कुमार जाट ने 4 सितंबर 2008 को नक्सलियों से लड़ते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर कर दिए। ये बताते हुए परिजन भावुक हो जाते हैं।
स्वर्गीय फूलचंद एवं सूजा देवी के पुत्र शहीद राजेश कुमार के मन में शुरू से ही देशभक्ति का जज्बा रहा था। किसान परिवार में जन्मे राजेश कुमार 25 अक्टूबर 2004 को सीआरपीएफ में चयनित होकर देश सेवा में जुट गए। 3 साल 10 माह के सेवाकाल में कई बार नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। राजेश की शहादत पर सरकार ने उन्हें राष्ट्रपति शौर्य पदक से सम्मानित भी किया था।
भाई सुरेश कुमार हरितवाल ने बताया कि शहीद का जो भी पैकेज राजस्थान सरकार देती है उसकी परिवार राह देख रहा है। शहादत के 18 साल बाद भी शहीद का पैकेज नहीं मिल पाया है।
25 बीघा जमीन के लिए भी आवेदन कर रखा है। वीरांगना हंसा देवी ने बताया कि उसका बेटा सतवीर 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। वह भी पिता की तरह देश की सेवा करने के लिए भारतीय सेना में जाना चाहता है।
राजस्थान पत्रिका की ओर से शहादत को सलाम अभियान के तहत सुराणा स्थित शहीद राजेश कुमार जाट स्मारक पर वीरांगना हंसा देवी व परिजन का माल्यार्पण व शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। सुरेश हरितवाल, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अनिल निठारवाल, मातादीन कुम्हार, कृष्णचंद, विक्रम, रामसिंह आदि उपस्थित रहे।
राजस्थान से जुड़ी हर ताज़ा खबर, सीधे आपके WhatsApp पर
जुड़ें अभी : https://bit.ly/4bg81fl