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सिराज और शार्दुल ने ढाया कहर उम्मीद की किरण जगाई

भारतीय टीम के लिए गाबा मैदान हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है और यदि वजह है कि टीम इंडिया यहां कभी कोई टेस्ट नहीं जीती।
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Updated: 19 Jan 2021, 1:28 AM IST
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सिराज और शार्दुल ने ढाया कहर उम्मीद की किरण जगाई

ब्रिस्बेन. भारतीय टीम के लिए गाबा मैदान हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है और यदि वजह है कि टीम इंडिया यहां कभी कोई टेस्ट नहीं जीती। लेकिन तेज गेंदबाज मोहमद सिराज और शार्दुल ठाकुर ने चौथे दिन घातक गेंदबाजी कर भारतीय टीम को जीत की किरण दिखाई है। दोनों की घातक गेंदबाजी से टीम इंडिया ने सोमवार को चौथे टेस्ट की दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई टीम को 294 रन पर समेट दिया। पहली पारी में 33 रन की बढ़त के आधार पर ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने 328 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में दिन का खेल खत्म होने तक बिना कोई विकेट गंवाए चार रन बना लिए थे।

पांचवें दिन का पहला सत्र नतीजा तय करेगा
भारतीय टीम के लिए पांचवें और आखिरी दिन लक्ष्य हासिल करना आसान चुनौती नहीं होगा। खासतौर पर पहला सत्र काफी मुश्किल होगा योंकि नई गेंद से ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज कहर बरपा सकते हैं।

जीत-ड्रॉ पर रहेगी नजर
यदि भारतीय टीम पहले सत्र में अच्छा प्रदर्शन करती है, तभी यह तय होगा कि उसकी आगे की रणनीति मैच जीतने की होगी या फिर मैच ड्रॉ कराने की रहेगी। मीडियम पेसर शार्दुल को जब दो साल के बाद गाबा टेस्ट के लिए अंतिम एकादश में शामिल किया गया तो कई लोगों ने इसे गलत फैसला बताया। दिग्गजों का मानना था कि उनके स्थान पर कुलदीप यादव को मौका मिलना चाहिए था। लेकिन शार्दुल ने गेंद और बल्ले से आलोचकों को गलत साबित कर दिया।

सिराज के पंच से सहमे मेजबान
करियर का सिर्फ तीसरा टेस्ट मैच खेल रहे मोहमद सिराज ने दूसरी पारी में तूफानी गेंदबाजी का नजारा पेश किया। उन्होंने पांच विकेट चटकाए जिसमें से तीन विकेट ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष बल्लेबाजों के रहे। इसके साथ ही उन्होंने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और पहली बार पारी में पांच विकेट हासिल किए।

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19 Jan 2021, 1:28 AM IST
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