
Rajasthan Economy: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बजट वर्ष 2025-26 की समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य "विकसित राजस्थान" की परिकल्पना को साकार करना है। इसके लिए इस बजट में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास, जनकल्याण और आधारभूत संरचना के विस्तार को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजटीय घोषणाओं को समयबद्ध रूप से चरणबद्ध क्रियान्वयन के साथ पूरा करें और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता तथा पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना की तर्ज पर प्रदेश के 16 शहरों को क्लीन एवं ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने की बजट में घोषणा की गई है। इन शहरों में सफाई, हरियाली, फुटपाथ निर्माण, सौन्दर्यीकरण जैसे कार्य सुनियोजित रूप से कर इन्हें मॉडल के रूप में विकसित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025-26 का बजट प्रदेश की 8 करोड़ जनता और 200 विधानसभा क्षेत्रों के संतुलित विकास का दस्तावेज है। इस बजट के माध्यम से राज्य को वर्ष 2030 तक 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन कार्यों का शिलान्यास वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हो रहा है, उनका उद्घाटन भी इसी कार्यकाल में सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत पहले चरण में 5000 गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों के बीपीएल परिवारों को केंद्र एवं राज्य की योजनाओं का लाभ देकर गरीबी रेखा से ऊपर उठाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण और महिलाओं को राजीविका से जोड़ते हुए उन्हें स्वावलंबी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी योजना की तर्ज पर प्रदेश के 16 शहरों को क्लीन एंड ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने की घोषणा की। इसमें सफाई, हरियाली, सौन्दर्यीकरण, फुटपाथ निर्माण और वेस्ट मैनेजमेंट की योजनाएं शामिल हैं। नवगठित 65 नगरीय निकायों में वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और एफएसटीपी की स्थापना के निर्देश भी दिए गए हैं।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में हेलिपोर्ट्स का निर्माण कर धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ा जाएगा। इससे पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ-साथ राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
जल संरक्षण के लिए 500 करोड़ की लागत से 100 एनिकट बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार नहीं है, उन्हें शीघ्र तैयार किया जाए, ताकि कार्य जल्द शुरू हो सके।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग से संबंधित 100 विद्यालयों के क्रमोन्नयन की समीक्षा करते हुए स्मार्ट क्लास रूम और वर्चुअल शिक्षा की व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही श्री अन्न को प्रोत्साहन देने और उसकी प्रभावी मार्केटिंग की बात भी कही गई, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।