जयपुर

SMS Hospital : अलविदा कहने से पहले काम का जुनून दिखा गए… जाते-जाते रुला गए डॉ. बी. एल. यादव

SMS Hospital: सुबह 11 बजे प्रेसनोट फिर 11.50 बजे सर्जरी टीम की ग्रुप फोटो भेजी, कुछ ही देर में दुनिया को अलविदा कह गए।

2 min read
Feb 02, 2026
डॉ. बी. एल. यादव (फाइल फोटो)

जयपुर। जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी निभाते-निभाते खुद जिंदगी की जंग हार जाना। यह त्रासदी सवाई मानसिंह अस्पताल के सीनियर जनरल सर्जन डॉ. बी.एल. यादव के साथ घटित हुई।

रविवार को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया। वे वहां सर्जनों की एक राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में भाग लेने गए थे।

मौत से कुछ देर पहले भेजे थे ग्रुप फोटो

मौत से कुछ देर पहले 11 बजे उन्होंने एसएमएस अस्पताल के मीडिया प्रभारी डॉक्टर को सर्जरी विभाग की ओर से की गई एक जटिल सर्जरी का प्रेस नोट भेजा। 11.43 बजे मीडिया प्रभारी ने उनसे ग्रुप फोटो का संदेश भेजा तो 11.50 पर डॉ. यादव ने उन्हें वह फोटो भी भेज दिया।

अचानक सीने में उठा दर्द

यह फोटो उनके काम के प्रति जुनून और टीम भावना का प्रतीक थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद यह मुस्कान हमेशा के लिए थम जाएगी। इसके बाद अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। साथी डॉक्टर उन्हें तुरंत गोंदिया के नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां सीपीआर और अन्य आपात उपचार दिए गए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

गत वर्ष ही बने थे नोडल ऑफिसर

डॉ. बी.एल. यादव एसएमएस मेडिकल कॉलेज के जनरल सर्जरी विभाग में सीनियर प्रोफेसर थे। पिछले साल ही उन्हें ट्रॉमा सेंटर का नोडल ऑफिसर बनाया गया था। जयपुर जिले के बेगस गांव के रहने वाले डॉ. यादव एक सख्त अनुशासनप्रिय, लेकिन बेहद सौम्य स्वभाव के चिकित्सक के रूप में जाने जाते थे। सहकर्मी बताते हैं कि वे देर रात तक अस्पताल में रहकर मरीजों की स्थिति की समीक्षा करते थे और हर जटिल केस को चुनौती की तरह लेते थे।

संगठनों में भी थे सक्रिय

डॉ. यादव संगठनों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (एएसआइ) के राजस्थान चैप्टर के हालिया चुनाव में वे निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए थे। वे तीन वर्षों तक संगठन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रह चुके थे। निधन की सूचना मिलते ही एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी सहित कई सीनियर डॉक्टर उनके जयपुर स्थित निवास पहुंचे। अस्पताल परिसर में शोक का माहौल रहा। जूनियर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की आंखें नम थीं।

लगातार कई घटनाएं

जयपुर शहर में बीते कुछ वर्ष के दौरान चिकित्सकों की आपात मौत की कई घटनाएं सामने आई हैं। जिनमें एसएमएस, जेकेलोन सहित निजी अस्पतालों के डॉक्टर शामिल हैं। इनमें किसी की मौत खेल मैदान पर खेल के दौरान, ऑपरेशन थियेटर और व्यायाम करते समय जैसी चौंकाने वाली घटनाएं भी शामिल हैं।

12 बजे आया प्राचार्य के पास फोन

मीडिया के लिए फोटो भेजने के 10 मिनट बाद ही एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी के पास डॉ. यादव को कार्डियक अरेस्ट की सूचना का फोन आ गया। कॉन्फ्रेंस स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर ही अस्पताल था। डॉ. माहेश्वरी करीब एक घंटे तक इलाज कर रहे डॉक्टरों से बात करते रहे। लेकिन डॉ.यादव को बचाया नहीं जा सका।

Updated on:
02 Feb 2026 05:24 am
Published on:
02 Feb 2026 05:16 am
Also Read
View All

अगली खबर