जयपुर

ऑनलाइन परीक्षा फार्म प्रक्रिया बनी विद्यार्थियों के लिए जंजाल,दो फर्मों की राजनीति में विद्यार्थी हो रहे परेशान

परीक्षा आवेदन पत्र की भरने वाली पुरानी फर्म का टेंडर बदला तो नहीं दिया नई फर्म को पूरा डाटा, फर्मों की राजनीति में विद्यार्थी परेशान
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Updated: 22 Nov 2017, 11:23 AM IST
Students facing problem in Online process of filling Examination form Rajasthan University

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय ने परीक्षा फॉर्म भरने का टेंडर नई फर्म को क्या दे दिया कि विद्यार्थियों की मुसीबतें बढ़ गई। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने वाली दो फर्मों की राजनीति के कारण विद्यार्थी परेशान हो रहे है। दरअसल पुरानी फर्म ने दिल्ली की इस नई फर्म को परीक्षा का पूरा डाटा ही नहीं दिया। जिस कारण से विद्यार्थियों को फॉर्म जनरेट करने में समस्यांए आ रही है। परीक्षा का ऑनलाइन आवेदन का काम देख रही नई फर्म के कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी फर्म ने पूरा डाटा ही उपलब्ध नहीं करवाया है। जिस कारण से विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म में दिक्कतें आ रही है। पुरानी फर्म ने डाटा में रिकॉर्ड को बीच बीच से गायब कर दिया है जिससे विद्यार्थियों को फॉर्म जनरेट करने में समस्याएं आ रही है।

अब तक होना था पहला चरण पूरा -

राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य परीक्षाओं के लिए भरे जा रहे यूजी और पीजी के ऑनलाइन आवेदन पत्रों में लगातार आ रही गलतियां आज तक भी नहीं सुधारी जा सकी है। वह भी एेसे मे जब विश्वविद्यालय के पहले नोटिफिकेशन के अनुसार १९ नवम्बर तक पहले चरण की आवेदन प्रकिया ही पूरी होनी थी। लेकिन आवेदन पत्र भरने में आ रही परेशानियों के कारण आवेदन पत्र भरने की तिथि को बढ़ाया गया है। इस तरह की गलतियां विद्यार्थियों को फॉर्म जनरेट करने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिसमें सबसे ज्यादा परेशानी परीक्षा शुल्क और विषयों के विवरण को लेकर है। आवेदन पत्रों में पास विद्यार्थी को फेल दिखाया जा रहा है तो किसी के विषय तक बदल गए है। साथ ही आवेदन शुल्क की रसीद में फीस जीरो तो कही दोगुनी लिखी हुई आ रही है। वहीं कई विद्यार्थियों को पैसा कट गया तो शुल्क की रसीद नहीं आ रही है। एेसे में अपनी परेशानी दूर करवाने के लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में चक्कर काटने पड़ रहे है।

आठ दिन साइट बंद हो तो दूर हो परेशानी -

आवेदन पत्र भरने वाली फर्म के कर्मचारियों ने सभी परेशानियों को दूर करने के लिए परीक्षा नियंत्रक से आठ दिन तक साइट को बंद करने को कहा है। लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिल सकी। फर्म के अनुसार एक बार फिर से डाटा को चैक किया जाना जरूरी है साथ ही पुरानी फर्म से मिले डाटा से जो रिकॉर्ड गायब है उसे दुरूस्त करने पर ही परेशानी दूर हो सकेगी। एेसे में अब विश्वविद्यालय अगर परेशानी दूर करना चाहता है तो कम से कम आठ दिन साइट बंद करनी होगी।

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