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Online Gaming Fraud: आसानी से कमाई का सपना छोड़ें वरना खाता हो जाएगा खाली, ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर हो रही है लाखों की ठगी

ऑनलाइन गेमिंग मे जीत का रोमांच और बड़े कैश प्राइज का लालच अक्सर लोगों को अपनी गाढ़ी कमाई गंवाने पर मजबूर कर देता है। गेमिंग फ्रॉड आज के समय में ठगी का एक बड़ा जरिया बन चुका है। राजस्थान पुलिस ने लोगों से अपील की है आसान कमाई या बड़े प्राइज के झांसे में कतई नहीं आएं। गेमिंग चैट में कभी भी अपने बैंक डिटेल या पासवर्ड साझा न करें। हमेशा अधिकारिक और विश्वसनीय प्लेटफार्म से ही गेम्स डाउनलोड करें।
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जयपुर

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MOHIT SHARMA

•

Updated: 1 Nov 2026, 1:16 PM IST

AI-generated-image-of-Stop-Online-Gaming-Scams.

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राजस्थान पुलिस ने आमजन को ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड से बचने की गंभीर चेतावनी जारी की है। पुलिस के अनुसार, जीत का रोमांच और बड़े कैश प्राइज का लालच लोगों को अपनी मेहनत की कमाई गंवाने पर मजबूर कर रहा है। गेमिंग फ्रॉड आज साइबर ठगी का एक बहुत बड़ा और तेजी से बढ़ता जरिया बन चुका है। रोजाना सैकड़ों लोग फर्जी ऐप्स, व्हाट्सऐप चैट और सोशल मीडिया ऑफर्स के जाल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई खो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग की चमक-दमक के पीछे छिपे जालसाजी के खतरों से सावधान रहें।

पुलिस ने इसलिए जारी की यह चेतावनी ?

राजस्थान पुलिस ने यह अलर्ट इसलिए जारी किया क्योंकि राज्य में ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स के जरिए ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लोग फर्जी ऐप्स या गेमिंग चैट में बैंक डिटेल्स, यूपीआई आईडी और पासवर्ड शेयर कर बैठते हैं, जिससे उनके खाते कुछ ही मिनटों में खाली हो जाते हैं। कई बार ठग पहले छोटी रकम जीतवाकर विश्वास जीतते हैं, फिर बड़ी रकम जमा करवाकर गायब हो जाते हैं। पुलिस का मकसद लोगों को जागरूक करना और समय रहते बचाव के उपाय बताना है ताकि कोई और शिकार न बने।

कैसे फंसते हैं लोग इस जाल में ?

ठग बड़े-बड़े कैश प्राइज, आसान जीत और “घर बैठे लाखों कमाओ” जैसे लालच दिखाते हैं। वे गेमिंग चैट या ऐप में पीड़ितों से बैंक खाता, यूपीआई या ओटीपी मांगते हैं। कई बार फर्जी ऐप्स डाउनलोड करवाकर भी ठगी की जाती है। लोग लालच में आकर अपनी सारी जानकारी दे देते हैं और पैसे उड़ जाते हैं। कुछ मामलों में ठग पीड़ित को “विनर” बताकर रजिस्ट्रेशन फीस या टैक्स के नाम पर और पैसे मांगते हैं। एक बार पैसे चले जाने के बाद संपर्क टूट जाता है और रिकवरी बहुत मुश्किल हो जाती है।पुलिस की सलाह: इन बातों का रखें ख्यालआसान कमाई या बड़े प्राइज के झांसे में बिल्कुल न आएं। गेमिंग चैट में कभी भी बैंक डिटेल्स या पासवर्ड साझा न करें। हमेशा केवल आधिकारिक और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से ही गेम्स डाउनलोड करें। संदिग्ध लिंक, मैसेज या ऑफर पर क्लिक करने से बचें। अगर कोई अजनबी आपको गेमिंग के जरिए बड़ी जीत का ऑफर दे तो तुरंत संदेह करें। अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी किसी के साथ शेयर न करें।

शिकायत कैसे दर्ज करें ?

अगर आपके साथ कोई साइबर फ्रॉड होता है तो बिना देर किए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। WhatsApp नंबर 9256001930 या 9257510100 पर शिकायत भेज सकते हैं। साइबरक्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर भी रिपोर्ट दर्ज करवाई जा सकती है। जल्दी शिकायत करने से पैसे रिकवर होने की संभावना बढ़ जाती है।

राजस्थान पुलिस का संदेश साफ है - “आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर।” सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। ऑनलाइन गेमिंग का मजा लें, लेकिन लालच में आकर ठगों के जाल में न फंसें। अपनी मेहनत की कमाई बचाएं और दूसरों को भी जागरूक करें।