जयपुर

निलंबित व्याख्याता ने ट्रेन के आगे कूदकर की आत्महत्या, मरने से पहले दोस्त को भेजा सुसाइड नोट; SOG पर लगाए गंभीर आरोप

महेश नगर थाना इलाके में बुधवार शाम सांचौर निवासी निलंबित व्याख्याता मनोहर लाल भादू ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।
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Feb 05, 2026
Manohar Lal Bhadu suicide case
मनोहर लाल भादू खुदकुशी मामला। फोटो: पत्रिका

जयपुर। महेश नगर थाना इलाके में बुधवार शाम सांचौर निवासी निलंबित व्याख्याता मनोहर लाल भादू ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने अपने एक दोस्त को सुसाइड नोट भेजा, जिसमें एसओजी के अधिकारियों पर प्रताड़ित करने और पैसे मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शव को एसएमएस अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार मनोहर लाल भादू मूल रूप से सांचौर के रहने वाले थे और वर्तमान में महेश नगर के अर्जुन नगर में रहते थे। बुधवार शाम वह अर्जुन नगर फाटक पहुंचे और ट्रेन के सामने कूद गए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

दोस्त को भेजा सुसाइड नोट

मनोहर ने आत्महत्या से पहले अपने दोस्त महेश को सुसाइड नोट भेजा था। नोट में उन्होंने एसओजी के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने श्याम सुंदर विश्नोई (वर्तमान जांच अधिकारी, अजमेर) और मुकेश सोनी पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। सुसाइड नोट में लिखा कि “पुलिस नाम की चीज ने मेरी इरादतन हत्या कर दी। एसओजी के जोशीले तेवरों ने मुझे उस भट्टी में डाल दिया, जहां रोज नए खुलासे हो रहे थे।”

कहा था मेरी कोई गलती नहीं

दोस्त महेश के अनुसार मनोहर ने बुधवार दोपहर करीब 2 बजे फोन कर कहा था कि उसकी कोई गलती नहीं है और उसे झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। वह दिन में अजमेर भी गया था, लेकिन रास्ते से ही लौट आया। शाम 6 बजकर 2 मिनट पर उसने फिर फोन कर सुसाइड नोट के बारे में बताया। इसके बाद जब महेश ने दोबारा संपर्क किया तो फोन नहीं उठाया।

डमी कैंडिडेट बैठाने के मामले में हुई थी कार्रवाई

बताया गया है कि वर्ष 2021 में डमी कैंडिडेट बैठाने के मामले में मनोहर लाल पर कार्रवाई हुई थी। उस समय वह सरकारी व्याख्याता के पद पर कार्यरत थे, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि वह दोबारा तैयारी कर रहे थे, लेकिन एसओजी की जांच और अधिकारियों का दबाव लगातार बना हुआ था। उन्होंने यह भी लिखा कि जिन आरोपों में उनका नाम घसीटा जा रहा है, उनमें वह कहीं भी शामिल नहीं हैं।

सुसाइड नोट में परिवार का भी जिक्र है। उन्होंने लिखा कि 20 सदस्यों के परिवार में वह अकेले कमाने वाले थे और सभी को साथ लेकर चलते थे। उन्होंने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी दोस्तों से निभाने की अपील की और कहा कि उनके बच्चे पढ़ाई में प्रतिभाशाली हैं।

Updated on:
05 Feb 2026 08:00 am
Published on:
05 Feb 2026 08:00 am