
Rajasthan Paper Leak: जयपुर। जयपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक सुनील कुमार सिंघल ने पेपरलीक गिरोह से जुड़े निलंबित तृतीय श्रेणी अध्यापक राजेंद्र कुमार यादव को बुधवार को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया। जयपुर शहर के खातीपुरा स्थित शहीद मेजर दिग्विजय सिंह सुमाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आरोपी पदस्थ था।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी आदेश में बताया कि एटीएस-एसओजी ने शिक्षक राजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट भेजी थी। इसमें बताया कि 20 फरवरी 2024 को कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा-2020 के पेपरलीक करने में संलिप्त पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। तब आरोपी को निलम्बित किया गया था। इसके बाद एटीएस-एसओजी के एडीजी वी.के. सिंह के कार्यालय से 30 मई 2024 को एक और रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी गई थी।
खातीपुरा स्थित विद्यालय के बाहर प्रतियोगी परीक्षाओं में पंकज चौधरी उर्फ यूनिक भांभू परीक्षार्थियों के मोबाइल रखने का काम करता था। झोटवाड़ा स्थित कुमावत कॉलोनी निवासी शिक्षक राजेंद्र कुमार का भांभू के जरिए पेपर लीक गैंग के सरगना जगदीश बिश्नोई से संपर्क हुआ था।
इसके बाद भांभू व बिश्नोई गैंग से जुड़कर आरोपी पेपर लीक करने में लग गया। आरोपी ने गिरोह के साथ मिलकर स्कूल के स्ट्रांग रूम में रखे कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा-2020 का पेपर परीक्षा से पहले बाहर निकालकर परीक्षार्थियों को पढ़ाया था।
आरोपी ने एसओजी को पूछताछ में बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षा-2021 का हल हुआ प्रश्न पत्र सरगना जगदीश से लेकर बेटे सिद्धार्थ को पढ़ाया था। यह प्रश्न पत्र को आगे फॉरवर्ड भी किया। बेटे का एसआई भर्ती परीक्षा में चयन हो गया था। वहीं परीक्षा से पहले पेपर लेकर बेटा जेईएन भी बन गया, जो पीडब्ल्यूडी में पदस्थ है। सिद्धार्थ की पत्नी विनिता को प्रथम श्रेणी शिक्षक का पेपर परीक्षा से पहले पढ़ाया। विनिता अभी महारानी स्कूल में टीचर है।
प्रदेशभर में पेपर लीक गैंग से शिक्षा विभाग में पदस्थ कई कर्मचारी-अधिकारी शामिल हैं। हाल ही 95 कर्मचारी-अधिकारी की जानकारी कार्मिक विभाग को सौंपी गई थी। राजस्थान पत्रिका ने भी इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के संबंध में खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग में आरोपियों को बर्खास्त करने की कार्रवाई की शुरुआत हुई।